गाजीपुर
हथियाराम सिद्ध पीठ में गुरु पूर्णिमा पर उमड़ा आस्था का सैलाब
हजारों श्रद्धालुओं ने लिया आशीर्वाद
महंत भवानी नंदन यति महाराज ने गुरु-शिष्य परंपरा का बताया महत्व, सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद
जखनिया (गाजीपुर)। जखनिया ब्लॉक के ग्राम सभा हथियाराम स्थित ऐतिहासिक बुढ़िया माई सिद्ध मठ (हथियाराम सिद्ध पीठ) में गुरु पूर्णिमा का पर्व गुरुवार को श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। गुरु दर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए सुबह से ही हजारों श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। दूर-दराज़ से पहुंचे श्रद्धालुओं ने पीठाधीश्वर के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
गुरु-शिष्य परंपरा पर दिया संदेश
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीठाधीश्वर महंत श्री भवानी नंदन यति महाराज ने कहा कि भारतीय संस्कृति की आत्मा गुरु-शिष्य परंपरा में निहित है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अनुशासन का पालन, गौ-सेवा, गरीबों की सहायता और राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया। साथ ही सनातन संस्कृति और नैतिक मूल्यों के संरक्षण का संदेश दिया।
महंत जी ने सिद्ध पीठ की पवित्र मिट्टी एवं भस्म को श्रद्धापूर्वक धारण करने का आग्रह करते हुए बताया कि यह सिद्ध पीठ लगभग 1100 वर्षों से तपस्थली के रूप में विख्यात है। उन्होंने अपने शिष्यों की गुरु भक्ति का उल्लेख करते हुए सेवा और समर्पण के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
पुलिस और प्रशासन का किया सम्मान
कार्यक्रम के दौरान महिला श्रद्धालुओं की अधिक संख्या को देखते हुए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। महिला एवं पुरुष पुलिसकर्मियों ने भीड़ प्रबंधन में सक्रिय भूमिका निभाई। इस अवसर पर महंत श्री भवानी नंदन यति महाराज ने सादात थाना प्रभारी तारावती यादव को सम्मानित कर उनके कार्यों की सराहना की। साथ ही कार्यक्रम में व्यवस्था संभालने वाले राम लगन सिंह, बालक आर्यन एवं उनकी टीम को भी साधुवाद दिया।
वैदिक मंत्रोच्चार से भक्तिमय हुआ वातावरण
काशी से आए वैदिक विद्वानों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया। आचार्य सुरेश जी एवं उनकी टीम ने गुरु-शिष्य परंपरा और सनातन संस्कृति के संरक्षण पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गोरक्ष प्रांत के प्रांत प्रचारक रमेश जी ने समाज से संतों के मार्गदर्शन में भारतीय संस्कृति और राष्ट्रधर्म की रक्षा के लिए एकजुट रहने का आह्वान किया।
महाप्रसाद वितरण के साथ हुआ समापन
भारी भीड़ को देखते हुए भुड़कुड़ा, दुल्लहपुर, शादियाबाद, बहरियाबाद, सादात तथा हथियाराम चौकी की पुलिस ने सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था संभाली। कार्यक्रम के अंत में श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया। महंत जी ने श्रद्धालुओं से कतारबद्ध होकर प्रसाद ग्रहण करने और व्यवस्थित ढंग से अपने गंतव्य के लिए प्रस्थान करने की अपील की।
इस अवसर पर डॉ. रत्नाकर त्रिपाठी, देवराहा बाबा (बिरनो), जितेंद्र सिंह वैभव (वाराणसी), रणजीत सिंह, किशोरी रमण द्विवेदी, बाबू महाराज, शिवानंद सिंह उर्फ मुन्ना सिंह सहित काशी क्षेत्र के अनेक वैदिक विद्वान, संत-महात्मा एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
