वाराणसी
AI और डिजिटल इंजीनियरिंग पर बड़ा दांव, एस.एन. सुब्रह्मण्यन के नेतृत्व में बदल रही L&T की दिशा
‘लक्ष्य 2031’ के तहत डेटा सेंटर, ग्रीन एनर्जी, सेमीकंडक्टर और डिजिटल तकनीकों पर फोकस, तकनीक-सक्षम इंजीनियरिंग समूह बनने की ओर बढ़ रही कंपनी
पारंपरिक इंजीनियरिंग से तकनीकी बदलाव की ओर
वाराणसी। भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में तेजी से हो रहे तकनीकी बदलावों के बीच लार्सन एंड टुब्रो (L&T) खुद को पारंपरिक इंजीनियरिंग एवं निर्माण कंपनी से तकनीक-सक्षम इंजीनियरिंग समूह के रूप में विकसित कर रही है। कंपनी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक एस.एन. सुब्रह्मण्यन के नेतृत्व में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डिजिटल इंजीनियरिंग, डेटा सेंटर, स्वच्छ ऊर्जा और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ाया जा रहा है।
चार दशक का अनुभव बना नेतृत्व की पहचान
वर्ष 1984 में प्रोजेक्ट प्लानिंग इंजीनियर के रूप में L&T से जुड़े एस.एन. सुब्रह्मण्यन ने भारत और मध्य-पूर्व की कई बड़ी परियोजनाओं का नेतृत्व किया। वर्ष 2017 में वे कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं प्रबंध निदेशक बने और 2023 में अध्यक्ष का पद संभाला। परियोजना निष्पादन, जोखिम प्रबंधन और पूंजी अनुशासन को उनकी नेतृत्व शैली की प्रमुख विशेषता माना जाता है।
रिकॉर्ड ऑर्डर और मजबूत वित्तीय प्रदर्शन
कंपनी की वित्त वर्ष 2025-26 की एकीकृत वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, L&T का समेकित राजस्व ₹2.86 लाख करोड़ तक पहुंच गया, जबकि आवर्ती शुद्ध लाभ (Recurring PAT) बढ़कर ₹17,238 करोड़ हो गया। इसी अवधि में कंपनी को ₹4.36 लाख करोड़ के नए ऑर्डर मिले और उसकी ऑर्डर बुक ₹7.40 लाख करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। कंपनी का मानना है कि यह उपलब्धि अनुशासित परियोजना चयन और बेहतर निष्पादन का परिणाम है।
‘लक्ष्य 2031’ में भविष्य की तकनीकों पर फोकस
L&T ने अपनी ‘लक्ष्य 2031’ रणनीति के तहत AI आधारित संचालन, डिजिटल इंजीनियरिंग, डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, इंडस्ट्रियल इलेक्ट्रॉनिक्स, ग्रीन हाइड्रोजन और स्वच्छ ऊर्जा को भविष्य के प्रमुख विकास क्षेत्रों के रूप में चिन्हित किया है। कंपनी AI-Ready डेटा सेंटर, Sovereign Cloud Platform और डिजिटल इंजीनियरिंग क्षमताओं के विस्तार पर भी तेजी से काम कर रही है।
NVIDIA के साथ साझेदारी, नई तकनीकों पर निवेश
कंपनी ने NVIDIA के साथ साझेदारी कर भारत में AI इंफ्रास्ट्रक्चर और AI-Ready कंप्यूटिंग क्षमताओं को विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। इसके अलावा रक्षा विनिर्माण, औद्योगिक ऑटोमेशन, प्रिसिजन इंजीनियरिंग और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में भी निवेश बढ़ाया जा रहा है, ताकि भविष्य की तकनीकी अर्थव्यवस्था की जरूरतों को पूरा किया जा सके।
इंजीनियरिंग का बदलता स्वरूप
विशेषज्ञों का मानना है कि एस.एन. सुब्रह्मण्यन के नेतृत्व में L&T केवल निर्माण परियोजनाओं तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि इंजीनियरिंग, प्रौद्योगिकी और सेवाओं पर आधारित संतुलित व्यवसाय मॉडल विकसित कर रही है। कंपनी का यह बदलाव भारतीय इंजीनियरिंग क्षेत्र में तकनीक आधारित नए दौर की शुरुआत का संकेत माना जा रहा है।
