वाराणसी
काशी का विकास विश्वस्तरीय स्वरूप में हो रहा है: राज्य सूचना आयुक्त
काशी विश्वनाथ धाम में दर्शन के बाद बोले डॉ. दिलीप अग्निहोत्री, जन सूचना अधिकारियों से पारदर्शी और प्रभावी कार्यशैली अपनाने का आह्वान
विकास परियोजनाओं की गुणवत्ता और समयबद्धता पर दिया जोर, सारनाथ को यूनेस्को सूची में शामिल होना बताया गौरव
वाराणसी। राज्य सूचना आयुक्त डॉ. दिलीप अग्निहोत्री ने रविवार को श्री काशी विश्वनाथ धाम में दर्शन-पूजन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि काशी विश्व की प्राचीनतम नगरी है और उसके गौरव के अनुरूप काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर का निर्माण किया गया है। उन्होंने कहा कि शहर का समग्र और विश्वस्तरीय विकास कराया जा रहा है।
जन सूचना अधिकारियों की भूमिका पर दिया जोर
डॉ. अग्निहोत्री ने कहा कि जन सूचना अधिकारी सरकारी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उन्हें सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त आवेदनों का समयबद्ध और प्रभावी निस्तारण करते हुए लोगों की समस्याओं के समाधान में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
हजारों करोड़ की विकास परियोजनाओं का किया उल्लेख
उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से अब तक वाराणसी में ₹36,210 करोड़ की लागत से 536 विकास परियोजनाएं पूरी की जा चुकी हैं, जबकि ₹25,007 करोड़ की लागत वाली 191 परियोजनाओं पर कार्य जारी है। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि सभी परियोजनाएं निर्धारित समय सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरी हों।
समयबद्ध कार्यों पर सरकार का फोकस
राज्य सूचना आयुक्त ने कहा कि हाल ही में मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक में रोप-वे परियोजना, जल जीवन मिशन, अंडरग्राउंड केबलिंग के बाद सड़कों की मरम्मत, दालमंडी सड़क चौड़ीकरण, नई टाउनशिप, यूनिटी मॉल समेत अन्य विकास परियोजनाओं को तय समय में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
सारनाथ को बताया प्रदेश का गौरव
डॉ. अग्निहोत्री ने कहा कि सारनाथ का यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल होना उत्तर प्रदेश और देश के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि सारनाथ भारत की समृद्ध सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और ऐतिहासिक विरासत का प्रतीक है तथा इस उपलब्धि से भारतीय विरासत को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिली है।
