वाराणसी
पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने कोर्ट से मांगी जांच की प्रगति रिपोर्ट
छह माह बाद भी आरोपपत्र दाखिल न होने पर उठाए सवाल, कोर्ट ने चौक पुलिस से मांगी आख्या
24 जुलाई को होगी अगली सुनवाई, सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़े मुकदमे का मामला
वाराणसी। चौक थाने में दर्ज एक मुकदमे में आजाद सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने जांच की प्रगति रिपोर्ट तलब कराने के लिए अदालत में अर्जी दाखिल की है। उनका आरोप है कि एफआईआर दर्ज होने के छह माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद पुलिस ने न तो जांच पूरी की है और न ही अदालत में आरोपपत्र (चार्जशीट) दाखिल किया है।
पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर की ओर से उनके अधिवक्ता अनुज यादव ने विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में प्रार्थना पत्र दाखिल किया। इसमें कहा गया है कि मुकदमा दर्ज होने के महज 10 दिनों के भीतर पुलिस ने उनकी न्यायिक हिरासत की मांग की थी, लेकिन अब तक जांच को उसके तार्किक निष्कर्ष तक नहीं पहुंचाया गया है और सक्षम न्यायालय के समक्ष कोई अंतिम पुलिस रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की गई है।
अर्जी में सवाल उठाया गया है कि जब जांच एजेंसी ने प्रारंभिक स्तर पर न्यायिक हिरासत की मांग करते हुए पर्याप्त सामग्री होने का दावा किया था, तो फिर छह महीने से अधिक समय तक जांच लंबित रखने का क्या औचित्य है। उन्होंने अदालत से मामले में अब तक हुई समस्त कार्रवाई की प्रगति रिपोर्ट तलब करने की मांग की है।
मामले पर सुनवाई करते हुए अदालत ने चौक थाना पुलिस से आख्या तलब की है तथा अगली सुनवाई के लिए 24 जुलाई की तिथि निर्धारित की है।
क्या है मामला
बड़ी पियरी निवासी हिंदू युवा वाहिनी के नेता एवं वीडीए के मानद सदस्य अंबरीष सिंह भोला ने 9 दिसंबर को चौक थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि 30 नवंबर को अमिताभ ठाकुर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट कर उन पर आपराधिक मामलों में संलिप्त होने तथा बहुचर्चित कफ सिरप प्रकरण से जोड़ते हुए बिना साक्ष्य के भ्रामक और झूठे आरोप लगाए, जिससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा।
इस मामले में पुलिस ने पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर, उनकी पत्नी डॉ. नूतन ठाकुर और एक अन्य के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया था। एफआईआर के दस दिन बाद अमिताभ ठाकुर को देवरिया से गिरफ्तार कर वाराणसी लाया गया था, जहां अदालत में पेशी के बाद उनका न्यायिक रिमांड बनाया गया। बाद में उन्हें न्यायालय से जमानत मिल गई थी।
अब इसी प्रकरण में अमिताभ ठाकुर ने अदालत से जांच की प्रगति रिपोर्ट तलब करने की मांग की है।
