वाराणसी
धोखाधड़ी के आरोपी प्रॉपर्टी डीलरों को अग्रिम जमानत
कोर्ट से मिली राहत
9.50 लाख रुपये की कथित ठगी के मामले में गिरफ्तारी पर एक-एक लाख के निजी मुचलके पर रिहाई का आदेश
वाराणसी। जमीन दिलाने और निवेश पर अधिक मुनाफे का झांसा देकर लाखों रुपये की कथित धोखाधड़ी करने के मामले में आरोपित दो प्रॉपर्टी डीलरों को अदालत से अग्रिम जमानत मिल गई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (सप्तम) विकास श्रीवास्तव की अदालत ने शेरूका (चंदौली) निवासी मृत्युंजय सिंह तथा धरमपुर, बड़ागांव निवासी शिवकुमार को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने की स्थिति में एक-एक लाख रुपये के दो-दो जमानतदार एवं निजी बंधपत्र प्रस्तुत करने पर रिहा किए जाने का आदेश दिया। बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता विकास सिंह ने पैरवी की।
अभियोजन के अनुसार, वादी अशोक कुमार सिंह ने बड़ागांव थाने में दर्ज कराई गई एफआईआर में आरोप लगाया था कि मार्च 2023 में बाबतपुर में उसकी मुलाकात मृत्युंजय सिंह और शिवकुमार से हुई। दोनों ने स्वयं को रियल एस्टेट कारोबारी बताते हुए जेबीएस प्रॉपर्टी प्राइवेट लिमिटेड और शक्ति कैपिटल नामक कंपनियों का संचालक बताया तथा खुद को प्रदेश के उपमुख्यमंत्री का करीबी बताते हुए बाबतपुर क्षेत्र में जमीन दिलाने और निवेश पर आकर्षक लाभ का भरोसा दिया।
वादी का आरोप है कि आरोपियों के झांसे में आकर उसने 30 मार्च 2023 से 23 नवंबर 2023 के बीच चेक के माध्यम से 9.50 लाख रुपये शक्ति कैपिटल के खाते में जमा किए। इसके अलावा उसके कुछ रिश्तेदारों ने भी कंपनी में निवेश किया। आरोप है कि धनराशि लेने के बावजूद न तो जमीन उपलब्ध कराई गई और न ही निवेश की रकम लौटाई गई।
शिकायत के अनुसार, शुरुआत में कुछ महीनों तक लाभांश के रूप में भुगतान किया गया, लेकिन बाद में भुगतान बंद कर दिया गया। जब वादी ने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपियों ने कथित तौर पर भुगतान से इनकार कर दिया और धमकी भी दी। वादी ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी विभिन्न शहरों में कंपनियों के नाम बदलकर लोगों को जमीन और निवेश का झांसा देकर धोखाधड़ी करते रहे हैं।
मामले में बड़ागांव थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। अब अदालत ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तारी की स्थिति में अग्रिम जमानत का लाभ प्रदान किया है।
