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गाजीपुर

बहरियाबाद में नकली कीटनाशकों पर चलेगा अभियान, दुकानों की होगी सघन जांच

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बिना लाइसेंस दवा बेचने वालों पर होगी कार्रवाई, किसानों से अधिकृत विक्रेताओं से ही खरीदारी की अपील

घटिया और प्रतिबंधित कीटनाशकों से फसल, मिट्टी और किसानों की आय पर पड़ रहा गंभीर असर

बहरियाबाद (गाजीपुर)। क्षेत्र में नकली एवं प्रतिबंधित कीटनाशक दवाओं की बिक्री पर रोक लगाने के लिए कृषि विभाग जल्द ही विशेष जांच अभियान शुरू करेगा। अभियान के तहत कीटनाशक विक्रेताओं की दुकानों और गोदामों की जांच की जाएगी तथा यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी विक्रेताओं के पास वैध लाइसेंस उपलब्ध हो। बिना लाइसेंस कीटनाशक बेचने वालों और नकली दवाओं का कारोबार करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

क्षेत्र के किसानों का कहना है कि नकली और घटिया कीटनाशक दवाओं के कारण उनकी फसलों को भारी नुकसान हो रहा है। इन दवाओं के उपयोग से कीटों पर प्रभाव नहीं पड़ता, जबकि फसलें खराब हो जाती हैं। इससे किसानों की मेहनत, समय और पूंजी तीनों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार नकली कीटनाशकों में आवश्यक रासायनिक तत्व या तो नहीं होते या उनकी मात्रा बेहद कम होती है। इसके कारण कीटों में दवाओं के प्रति प्रतिरोधक क्षमता विकसित होने लगती है। कई मामलों में घटिया एवं जहरीले रसायनों के कारण फसलें झुलस जाती हैं, पत्तियां काली पड़ जाती हैं और मिट्टी की उर्वरता भी प्रभावित होती है। साथ ही केंचुए जैसे लाभकारी जीव भी नष्ट हो जाते हैं।

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कृषि विभाग किसानों को केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही कीटनाशक खरीदने की सलाह दे रहा है। विभागीय अधिकारियों द्वारा बुवाई और फसल सुरक्षा के मौसम में दुकानों एवं गोदामों पर औचक निरीक्षण कर दवाओं के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे जाएंगे।

कीटनाशक अधिनियम के तहत नकली दवाओं का निर्माण एवं बिक्री करने वालों के विरुद्ध भारी जुर्माना, लाइसेंस निरस्तीकरण तथा कारावास जैसी सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। किसानों ने सरकार से मांग की है कि समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाकर असली और नकली कीटनाशकों की पहचान के बारे में जानकारी दी जाए, ताकि किसान ठगी का शिकार न हों।

किसानों का कहना है कि खेती की बढ़ती लागत और फसलों का उचित मूल्य न मिलने से पहले ही कृषि घाटे का सौदा बनती जा रही है। ऐसे में नकली कीटनाशकों की समस्या छोटे और सीमांत किसानों की मुश्किलें और बढ़ा रही है।

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