गाजीपुर
जयदेश कार्यालय में मनाया गया राष्ट्रीय डॉक्टर दिवस
डॉ. दिनेश मिश्रा ने चिकित्सकों की भूमिका और आधुनिक चिकित्सा के विकास पर डाला प्रकाश
डॉ. बी.सी. रॉय को याद कर स्वास्थ्य सेवा में मानवीय संबंधों को मजबूत करने पर दिया जोर
बहरियाबाद (गाजीपुर)। राष्ट्रीय डॉक्टर दिवस के अवसर पर बुधवार को बहरियाबाद स्थित जयदेश कार्यालय में कार्यक्रम आयोजित कर चिकित्सकों के योगदान को याद किया गया। इस अवसर पर इंडियन इलेक्ट्रो होम्योपैथिक मेडिकल काउंसिल, लखनऊ के रजिस्ट्रार डॉ. दिनेश मिश्रा ने चिकित्सकों की समाज में भूमिका, चिकित्सा विज्ञान के विकास और बदलते स्वास्थ्य परिदृश्य पर विस्तार से विचार व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि भारत में प्रत्येक वर्ष 1 जुलाई को राष्ट्रीय डॉक्टर दिवस मनाया जाता है। यह दिवस चिकित्सकों के समर्पण, सेवा और समाज को स्वस्थ रखने में उनके योगदान के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता प्रकट करने का अवसर है। उन्होंने बताया कि यह दिवस महान चिकित्सक, स्वतंत्रता सेनानी और पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. बिधान चंद्र रॉय की जयंती एवं पुण्यतिथि के अवसर पर मनाया जाता है।
डॉ. मिश्रा ने कहा कि आधुनिक चिकित्सा विज्ञान में एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, एमआरआई, सीटी स्कैन, पैथोलॉजी तथा सूचना प्रौद्योगिकी के विकास ने रोगों के निदान और उपचार को अधिक प्रभावी बनाया है। टेलीमेडिसिन और डिजिटलीकरण के माध्यम से विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं अब दूरदराज के क्षेत्रों तक भी पहुंच रही हैं।
उन्होंने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में तकनीकी प्रगति के साथ-साथ डॉक्टर और मरीज के बीच विश्वास तथा मानवीय संबंधों को बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है। गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सेवा भाव और संवेदनशीलता दोनों का संतुलन जरूरी है।
कार्यक्रम में क्षेत्र के दर्जनों इलेक्ट्रो होम्योपैथिक चिकित्सक उपस्थित रहे और डॉक्टर दिवस के महत्व पर विचार साझा किए।
