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गाजीपुर

परमवीर वीर अब्दुल हमीद की जयंती पर धामूपुर में उमड़ा जनसैलाब, केक काटकर मनाया गया जन्मोत्सव

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प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दी गई श्रद्धांजलि, पार्क में नई हाईमास्ट लाइट का हुआ उद्घाटन

दुल्लहपुर (गाजीपुर)। भारत-पाकिस्तान 1965 के युद्ध के महानायक एवं परमवीर चक्र विजेता शहीद वीर अब्दुल हमीद की जयंती बुधवार को उनके पैतृक गांव धामूपुर स्थित अब्दुल हमीद पार्क में श्रद्धा, सम्मान और उत्साह के साथ मनाई गई। उनके पुत्र जैनुअल हसन और पौत्र मोहम्मद परवेज ने गणमान्य लोगों की मौजूदगी में केक काटकर जन्मोत्सव मनाया।

कार्यक्रम की शुरुआत वीर अब्दुल हमीद और उनकी पत्नी की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुई। इसके बाद भुड़कुड़ा के क्षेत्राधिकारी शुभम वर्मा, भाजपा जिला उपाध्यक्ष राजेश सोनकर, पूर्व मंडल अध्यक्ष मनोज यादव, श्रवण सिंह, समाजसेवी संजीत प्रजापति, अनिकेत चौहान, सुनील यादव सहित अन्य लोगों ने श्रद्धासुमन अर्पित किए।

पार्क के सौंदर्याकरण में योगदान देने वाले सद्दाम हुए सम्मानित

कार्यक्रम के दौरान समाजसेवी एवं “आर्मी लवर” के नाम से चर्चित सद्दाम को अब्दुल हमीद पार्क के सौंदर्याकरण में विशेष योगदान के लिए क्षेत्राधिकारी शुभम वर्मा ने अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। सद्दाम के सहयोग से पार्क में रंगाई-पुताई, डेंट-पेंट और नई हाईमास्ट लाइट लगाई गई। क्षेत्राधिकारी ने नई हाईमास्ट लाइट का स्विच ऑन कर उसका उद्घाटन भी किया।

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पार्क की सुरक्षा बढ़ाने की उठी मांग

स्थानीय लोगों ने नवागत थाना प्रभारी संतोष राय से पार्क में स्थायी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। थाना प्रभारी ने आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।

वीरता और बलिदान की मिसाल हैं अब्दुल हमीद

उल्लेखनीय है कि वीर अब्दुल हमीद का जन्म 1 जुलाई 1933 को गाजीपुर के धामूपुर गांव में हुआ था। वर्ष 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में उन्होंने दुश्मन के कई पैटन टैंकों को ध्वस्त कर अद्वितीय वीरता का परिचय दिया और मातृभूमि की रक्षा करते हुए वीरगति प्राप्त की। उनके सर्वोच्च बलिदान के लिए उन्हें मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया।

मिठाई वितरण के साथ लिया शहीद के आदर्शों पर चलने का संकल्प

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कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों के बीच मिठाई वितरित की गई तथा शहीद वीर अब्दुल हमीद के आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया गया। आयोजन की संपूर्ण व्यवस्था और संचालन उनके पौत्र मोहम्मद परवेज ने संभाला, जिसकी उपस्थित लोगों ने सराहना की।

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