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मिर्ज़ापुर

आध्यात्मिक ज्ञान दिवस के रूप में मनाई गई मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती की पुण्यतिथि

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ब्रह्माकुमारी आश्रम चुनार में श्रद्धा और भक्ति के साथ किया गया स्मरण

वक्ताओं ने मातेश्वरी के जीवन, कर्म और आध्यात्मिक योगदान पर डाला प्रकाश

चुनार (मीरजापुर)। ब्रह्माकुमारी आश्रम, चुनार में ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की प्रथम मुख्य प्रशासिका मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती की 61वीं पुण्यतिथि बुधवार को “आध्यात्मिक ज्ञान दिवस” के रूप में मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाई-बहनों एवं श्रद्धालुओं ने भाग लेकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

मुरली क्लास और भोग कार्यक्रम का हुआ आयोजन

कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः 7:30 बजे मुरली क्लास से हुई। इसके उपरांत मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती की स्मृति में भोग अर्पित किया गया तथा उपस्थित श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया।

मातेश्वरी के जीवन और शिक्षाओं पर हुई चर्चा

सहप्रभारी ब्रह्माकुमारी तारा दीदी ने मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती के जीवन, उनके आध्यात्मिक योगदान तथा संगठन के विकास में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मातेश्वरी का जीवन सेवा, त्याग और आध्यात्मिक मूल्यों का अनुपम उदाहरण है।

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कर्म ही मनुष्य की वास्तविक पहचान : पंकज भाई

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ब्रह्माकुमार पंकज भाई ने कहा कि मनुष्य के साथ केवल उसके कर्म ही जाते हैं। उन्होंने कहा कि मातेश्वरी के श्रेष्ठ कर्मों और आध्यात्मिक सेवाओं के कारण आज भी उन्हें पूरे विश्व में श्रद्धा के साथ याद किया जाता है। जहां-जहां ब्रह्माकुमारी संस्थान के केंद्र संचालित हैं, वहां उनकी पुण्यतिथि श्रद्धापूर्वक मनाई जाती है।

उन्होंने गोस्वामी तुलसीदास के प्रसिद्ध कथन “कर्म प्रधान विश्व करि राखा” का उल्लेख करते हुए जीवन में श्रेष्ठ कर्मों के महत्व पर बल दिया।

श्रद्धांजलि अर्पित कर किया स्मरण

इस अवसर पर सुरेन्द्र सिंह पटेल, विचित्रानन्द सहित अन्य वक्ताओं ने भी मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती को श्रद्धासुमन अर्पित किए। कार्यक्रम के अंत में आश्रम से जुड़े सैकड़ों भाई-बहनों ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी तथा प्रसाद ग्रहण किया।

आध्यात्मिक वातावरण में संपन्न हुआ कार्यक्रम

पूरे आयोजन के दौरान आश्रम परिसर आध्यात्मिक वातावरण से सराबोर रहा। श्रद्धालुओं ने मातेश्वरी के आदर्शों पर चलने और आध्यात्मिक मूल्यों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।

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