वाराणसी
दुकान कब्जाने और व्यवसायी से मारपीट मामले में हिंदू युवा वाहिनी के सदस्यों पर मुकदमे का आदेश
वाराणसी। दुकान पर कब्जा करने का विरोध करने पर व्यवसायी के साथ मारपीट, लूटपाट और दुकान में रखे सामान को क्षतिग्रस्त करने के मामले में अदालत ने हिन्दू युवा वाहिनी के सदस्यों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश कोतवाली थाना प्रभारी को दिया है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (नवम) अमित कुमार यादव की अदालत ने यह आदेश हरतीरथ निवासी वादी मुकदमा मुकुंद यादव द्वारा प्रस्तुत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के बाद पारित किया।
मामले के अनुसार वादी मुकदमा मुकुंद यादव ने अपने अधिवक्ताओं अनुज यादव, नरेश यादव एवं धनंजय कुमार के माध्यम से अदालत में बीएनएनएस की धारा 173(4) के तहत प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। आरोप लगाया गया कि हरतीरथ चौराहे पर उनकी तीन दुकानें हैं, जो व्यापारिक दृष्टि से काफी मूल्यवान हैं। इनमें एक दुकान में जनरल स्टोर, दूसरी में चाय व दही-मलाई तथा तीसरी में बिल्डिंग मैटेरियल और सीमेंट आदि की दुकान संचालित होती है। इन्हीं दुकानों से वह और उनके पुत्र परिवार का भरण-पोषण करते हैं।
प्रार्थना पत्र में कहा गया कि विपक्षीगण उनकी एक दुकान पर जबरन कब्जा करना चाहते हैं। आरोप है कि उमेश सिंह और मुकेश सिंह ने कुछ दिन पूर्व हरतीरथ स्थित दुकान की मांग की थी। जब उन्होंने दुकान देने से मना कर दिया तो विपक्षीगण नाराज हो गए और कहा कि दुकान किसी भी कीमत पर लेकर रहेंगे।
वादी के अनुसार 18 मार्च 2026 को शाम करीब चार बजे उमेश सिंह, मुकेश सिंह और कुणाल सिंह उर्फ गोलू अपने हिन्दू युवा वाहिनी के 12 से 15 अज्ञात साथियों के साथ जबरदस्ती हरतीरथ स्थित मकान में घुस आए और अंदर रखे बिल्डिंग मैटेरियल के सामान में तोड़फोड़ करने लगे। विरोध करने पर आरोपितों ने उनके साथ मारपीट की, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। साथ ही करीब 1.50 लाख रुपये का नुकसान हुआ और दुकान में रखा कीमती सामान भी उठा ले गए।
वादी ने बताया कि घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई, लेकिन पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज नहीं की। आरोप यह भी लगाया गया कि हिन्दू युवा वाहिनी के दबाव में उनके सदस्य उमेश सिंह द्वारा 25 मार्च 2026 को विलंब से दिए गए प्रार्थना पत्र के आधार पर कोतवाली पुलिस ने उनके खिलाफ ही विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया।
अदालत ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद हिन्दू युवा वाहिनी के सदस्यों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है।
