वाराणसी
कफ सीरप मामले में पुलिस ने हिमांशु कसेरा को दबोचा
SIT की जांच में गरीबों के कागजात से फर्जी मेडिकल फर्में खोलने का नेटवर्क उजागर
वाराणसी। दो हजार करोड़ के कफ सीरप तस्करी मामले में पुलिस ने पानदरीबा थाना चेतगंज निवासी हिमांशु कसेरा को कोतवाली में पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक हिमांशु का काम गरीबों को रुपये का लालच देकर उनसे उनकी मार्कशीट, आधार कार्ड और पैन कार्ड जैसे कागजात लेना था, जिनका इस्तेमाल तस्करी के लिए फर्जी दवा फर्म बनवाने में किया जाता था।
पुलिस ने बताया कि दो साल पहले गिरोह से जुड़े लोगों ने हिमांशु को भी रुपये का लालच देकर उसके कागजात के जरिए दुर्गेश वर्मा के नाम पर बजरंग मेडिकल एजेंसी का ड्रग लाइसेंस लिया था। वहीं, शुभम जायसवाल तस्करी के रुपये दुर्गेश से ही जमा कराता और उसी खाते से निकलवाकर उस रुपये को नंबर कर लेता था। पुलिस के अनुसार शुभम दुबई में छिपा है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए लखनऊ की एसआईटी रेड कार्नर नोटिस जारी कराने के प्रयास में है।
पुलिस के मुताबिक आकाश पाठक, प्रशांत उपाध्याय, अमित जायसवाल, दिवेश जायसवाल, धर्मेंद्र अग्रवाल, प्रतीक कुमार और विशाल मल्होत्रा कफ सीरप तस्करी की रणनीति सरगना शुभम जायसवाल के महमूरगंज स्थित केबीएन कॉम्प्लेक्स में बनाते थे। गिरफ्तार हिमांशु ने पुलिस को बताया कि सिद्धमाता गली कोतवाली निवासी फरार आकाश पाठक शुभम का पार्टनर है। उसने यह भी बताया कि दो वर्ष पहले शुभम, आकाश पाठक, दिवेश जायसवाल और अमित जायसवाल ने कई फर्में खुलवाई थीं।
हिमांशु के अनुसार आकाश पाठक ने ही उसे महमूरगंज स्थित केबीएन प्लाजा के ऑफिस में शुभम जायसवाल से मिलवाया था, जहां दिवेश, अमित, अंकुश सिंह, धर्मेंद्र अग्रवाल, प्रतीक कुमार, विकास सिंह और राहुल यादव भी मौजूद थे। वहां इन लोगों ने उसे बताया था कि वे शैली ट्रेडर्स के माध्यम से न्यू फेंसेडिल कफ सीरप को बाहर नंबर दो में ऊंचे दाम पर बेचेंगे और उससे अर्जित रुपये अलग-अलग फर्मों में कैश और आरटीजीएस के जरिए जमा कर एक नंबर का बना देंगे।
पुलिस के मुताबिक इन्हीं लोगों ने हिमांशु से कहा था कि ऐसे गरीब लोगों को तलाशा जाए, जिन्हें पैसे का लालच देकर उनके आधार कार्ड, पैन कार्ड समेत अन्य दस्तावेज लेकर मेडिकल होलसेल फर्म का लाइसेंस हासिल किया जाए और कारोबार को आगे बढ़ाया जाए। इस कार्रवाई में पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक दयाशंकर सिंह, दारोगा अंकित सिंह, मनीष सिंह, कांस्टेबल सुभाष चंद, कुंदन और अश्वनी सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।
