वाराणसी
हाउस अरेस्ट पर कांग्रेस का हमला, लोकतंत्र की हत्या का लगाया आरोप
वाराणसी। महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय सहित कांग्रेस नेताओं को अयोध्या में कथित रूप से हाउस अरेस्ट किए जाने की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे लोकतंत्र, संविधान और विपक्ष की आवाज़ को दबाने का प्रयास बताया।
राघवेंद्र चौबे ने जारी बयान में कहा कि कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के नेतृत्व में प्रभु श्री रामलला के दर्शन करने तथा अयोध्या में चढ़ावा चोरी से जुड़े कथित मामलों को उठाने जा रहा था। आरोप है कि देर रात बिना स्पष्ट कारण बताए अजय राय को होटल में ही रोक दिया गया। इसके साथ ही अयोध्या और आसपास के जिलों के कांग्रेस जिलाध्यक्षों, शहर अध्यक्षों तथा कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी उनके घरों एवं ठिकानों पर हाउस अरेस्ट कर दिया गया, ताकि वे पार्टी के कार्यक्रम में शामिल न हो सकें।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है तो विपक्ष के नेताओं को रोकने की आवश्यकता क्यों पड़ी। लोकतंत्र में प्रत्येक राजनीतिक दल को शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने और कार्यक्रम आयोजित करने का अधिकार है। पुलिस और प्रशासन का राजनीतिक उपयोग कर विपक्ष की आवाज़ दबाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
राघवेंद्र चौबे ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं के मामले में अपने शीर्ष स्तर से जुड़े लोगों को बचाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को जनता के बीच उठाती रहेगी और कथित गड़बड़ियों को उजागर करने का काम जारी रखेगी।
उन्होंने कहा कि विपक्ष की आवाज़ को हाउस अरेस्ट और पुलिस कार्रवाई के जरिए दबाया नहीं जा सकता। कांग्रेस अन्याय, भ्रष्टाचार और लोकतांत्रिक अधिकारों पर किसी भी कथित हमले के खिलाफ सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करती रहेगी।
महानगर कांग्रेस अध्यक्ष ने राज्य सरकार से मांग की कि अजय राय सहित अन्य कांग्रेस नेताओं पर की गई कार्रवाई का कारण सार्वजनिक किया जाए, लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान किया जाए तथा विपक्ष के शांतिपूर्ण कार्यक्रमों में बाधा डालने की प्रवृत्ति पर रोक लगाई जाए।
