गोरखपुर
सैकड़ों मछलियों की मौत, ₹1.88 करोड़ की हाईटेक मशीन से शुरू हुई सफाई
तालाब से उठी बदबू से लोग परेशान, ऑक्सीजन की कमी को माना जा रहा प्रारंभिक कारण
नगर निगम ने शुरू किया सफाई अभियान, जांच रिपोर्ट के बाद मौत की असली वजह होगी स्पष्ट
गोरखपुर। शहर के प्रमुख पर्यटन स्थल रामगढ़ताल में रविवार को सैकड़ों मरी हुई मछलियां मिलने से हड़कंप मच गया। पैडलेगंज स्थित बुद्ध विहार गेट से लेकर नौका विहार तक ताल की सतह और किनारों पर मृत मछलियां तैरती मिलीं। बदबू फैलने से स्थानीय लोगों, मॉर्निंग वॉक करने वालों और पर्यटकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
सूचना मिलते ही नगर निगम और संबंधित विभागों की टीम मौके पर पहुंची और सफाई अभियान शुरू कराया। मृत मछलियों को हटाने के लिए श्रमिकों के साथ करीब ₹1.88 करोड़ की लागत वाली आधुनिक एक्वेटिक डी-वीडिंग (वीड हार्वेस्टर) मशीन भी लगाई गई, जिससे तालाब की सफाई तेजी से की जा रही है।
प्रारंभिक जांच में विशेषज्ञों ने पानी में घुलित ऑक्सीजन (डिजॉल्व्ड ऑक्सीजन) की कमी को मछलियों की मौत का संभावित कारण बताया है। उनके अनुसार, तालाब में बढ़ी काई और जल प्रदूषण के कारण ऑक्सीजन का स्तर घटने से मछलियां जीवित नहीं रह सकीं।
रामगढ़ताल गोरखपुर का प्रमुख पर्यटन और जलीय जैव विविधता का महत्वपूर्ण केंद्र है। ऐसे में एक साथ सैकड़ों मछलियों की मौत ने पर्यावरणीय चिंताओं को बढ़ा दिया है। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और वास्तविक कारण का खुलासा जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।
