आजमगढ़
जमीन रजिस्ट्री में धोखाधड़ी का आरोप
शव दफनाने को लेकर देर रात तक रहा तनाव
परिजनों की शिकायत पर जांच में जुटी पुलिस, भारी फोर्स की मौजूदगी में हुआ अंतिम संस्कार
तरवां, आजमगढ़। तरवां थाना क्षेत्र के ऐराकला गांव में बाजा राजभर की मौत के बाद जमीन को लेकर विवाद खड़ा हो गया। शव को पैतृक जमीन पर दफनाने को लेकर देर रात तक गांव में पुलिस बल तैनात रहा। स्थिति को देखते हुए रासेपुर और बोंगरिया चौकी प्रभारी समेत महिला पुलिसकर्मियों की भी ड्यूटी लगाई गई।
परिजनों ने रामकृत यादव पुत्र कलपु पर आरोप लगाया कि वर्ष 2015 में बाजा राजभर को नशीला पदार्थ खिलाकर उनकी जमीन का कथित रूप से बैनामा करा लिया गया। परिजनों के अनुसार वर्ष 2017 में खतौनी निकलवाने पर जमीन उनके नाम नहीं होने की जानकारी हुई। आरोप है कि संपत्ति रामकृत यादव ने अपनी पत्नी रमावती देवी के नाम रजिस्ट्री कराई थी। इस मामले को लेकर वर्ष 2017 में सिविल जज अवर खंड कोर्ट संख्या-20, आजमगढ़ में मुकदमा संख्या 152/2017 दाखिल होने की बात कही गई है।
बाजा राजभर की मौत के बाद शव दफनाने को लेकर विवाद बढ़ गया। परिजनों द्वारा खोदे गए गड्ढे को जेसीबी से पाटे जाने के बाद मामला उच्चाधिकारियों तक पहुंचा। इसके बाद तरवां पुलिस ने दोबारा गड्ढा खुदवाकर पुलिस की मौजूदगी में शव को दफन कराया।
इन्द्रावती देवी पत्नी स्वर्गीय बाजा राजभर ने शिकायत देकर न्याय की गुहार लगाई है। थानाध्यक्ष ने बताया कि शिकायत और अभिलेखों की जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
