गाजीपुर
सिधौना की रामलीला में विजयादशमी का भव्य मंचन, रावण वध के साथ धर्म की अधर्म पर हुई विजय
मेघनाद के अभिनय ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध, रामलीला देखने उमड़ी भारी भीड़
सिधौना, गाजीपुर (जयदेश)। सिधौना में विजयादशमी के अवसर पर आयोजित रामलीला में राम-रावण युद्ध और रावण वध का भव्य मंचन किया गया। कलाकारों ने अपने शानदार अभिनय से दर्शकों का मन मोह लिया। मेघनाद के अभिनय ने विशेष रूप से लोगों का ध्यान आकर्षित किया और वह कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा। रामलीला देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक मेला परिसर में जुटे और पूरे उत्साह के साथ विजयादशमी का आनंद लिया।
मंचन के दौरान लक्ष्मण शक्ति, हनुमान जी द्वारा संजीवनी बूटी लाना, राम-रावण युद्ध और रावण वध जैसे प्रसंगों का प्रभावशाली प्रदर्शन किया गया। लक्ष्मण के मूर्छित होने पर हनुमान जी के संजीवनी बूटी लाने के दृश्य ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। इसके बाद युद्ध के अंतिम चरण में विभीषण ने भगवान राम को रावण की नाभि में प्रहार करने का रहस्य बताया। भगवान राम ने रावण की नाभि में तीर मारकर उसका अंत किया। इस दृश्य के साथ ही अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश दिया गया। जय श्रीराम के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो उठा।
रामलीला के विभिन्न पात्रों में अनिल सिंह ने रावण, प्रदीप सिंह ने मेघनाद, रिंकू मिश्रा ने रावण की भूमिका में, सूर्या सिंह ने लक्ष्मण, अमन मिश्रा ने कुंभकर्ण, अनुभव सिंह ने हनुमान और विनय मिश्रा ने विभीषण के अभिनय से खूब वाहवाही बटोरी। विशेष रूप से मेघनाद के किरदार में प्रदीप सिंह के अभिनय को दर्शकों ने खूब सराहा।
इस अवसर पर रामलीला अध्यक्ष संतोष मिश्रा ने अंगवस्त्र एवं माल्यार्पण कर डॉ. रामजी सिंह बागी, प्रधान प्रतिनिधि दयालू सिंह, वरिष्ठ नागरिक राजकुमार पांडेय, अमित मिश्रा, सुधीर सिंह, बिंदेश्वरी सिंह सहित अन्य गणमान्य लोगों का स्वागत एवं सम्मान किया।
विजयादशमी के इस आयोजन ने क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा को जीवंत किया। कलाकारों के अभिनय, आकर्षक मंचन और मेले में उमड़ी भीड़ ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया। रामलीला के माध्यम से लोगों को संदेश मिला कि अंततः सत्य, धर्म और न्याय की ही विजय होती है।
