बलिया
बलिया के देवी मंदिरों में उमड़ा आस्था का सैलाब, जय माता दी के जयकारों से गूंजा जिला
शारदीय नवरात्र के पांचवें दिन मंदिरों में लगी लंबी कतारें, घंटा-घड़ियाल और शंखनाद के बीच श्रद्धालुओं ने की पूजा-अर्चना
बलिया। मुशीर जैदी, ब्यूरो। शारदीय नवरात्र के पांचवें दिन गुरुवार को बलिया जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह होते ही भक्त दर्शन-पूजन के लिए मंदिरों में पहुंचने लगे। दिनभर मंदिर परिसर मां दुर्गा के जयकारों, घंटा-घड़ियाल और शंखनाद से गूंजते रहे। श्रद्धालुओं ने माता रानी के चरणों में शीश नवाकर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
प्रमुख देवी मंदिरों में लगा भक्तों का तांता
जिले के प्रमुख देवी मंदिरों और शक्तिपीठों में सुबह से ही दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की कतारें लगी रहीं। मां मंगला भवानी मंदिर, उचेड़ा स्थित मां भवानी मंदिर, शंकरपुर की मां शांकरी भवानी, ब्रह्माइन स्थित मां ब्रह्माणी देवी और खरीद स्थित माता मंदिर में भक्तों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।
इसी तरह सिकंदरपुर के जल्पा-कल्पा देवी मंदिर, गायघाट के मां पचरूखा देवी मंदिर, पचदेवी मंदिर, कपूरी स्थित मां कपिलेश्वरी भवानी मंदिर और गुदरी बाजार के मां दुर्गा मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। मंदिरों में भक्तों ने चुनरी, नारियल और प्रसाद चढ़ाकर माता का आशीर्वाद लिया।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी दिखी गहरी आस्था
जिले के ग्रामीण इलाकों में भी नवरात्र को लेकर खास उत्साह देखने को मिला। शोभनाथपुर स्थित मां भगवती मंदिर, दुर्जनपुर के मां काली मंदिर, रेवती के मां दुर्गा और काली मंदिर के साथ बांसडीह व सहतवार के देवी मंदिरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। भक्तों ने माता की आराधना कर सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।
मनोकामना पूरी होने पर स्थापित करते हैं कलश
जापलिंगंज स्थित मां दुर्गा मंदिर के पुजारी के अनुसार, मंदिर में मनोकामना पूरी होने पर कलश स्थापना की विशेष मान्यता है। इसी आस्था के चलते जिले के अलावा दूसरे राज्यों से भी श्रद्धालु यहां पहुंचकर कलश स्थापित करते हैं। नवरात्र के पांचवें दिन भी मंदिर में बड़ी संख्या में भक्तों ने पूजा-अर्चना की।
सुबह से शुरू हुआ दर्शन-पूजन का सिलसिला देर शाम तक जारी रहा। नवरात्र के चलते जिले के देवी मंदिरों में भक्तिमय वातावरण बना रहा और श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।
