गाजीपुर
समान वेतन और शिक्षक अधिकारों की लड़ाई प्राथमिकता: ऋतिका दुबे
वित्तविहीन शिक्षकों की समस्याएं सदन में उठाने का संकल्प, दिलदारनगर में शिक्षकों से मांगा समर्थन
सेवराई, गाजीपुर। वाराणसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की प्रत्याशी ऋतिका दुबे ने कहा कि वित्तविहीन शिक्षकों को समान कार्य के लिए समान वेतन दिलाना और शिक्षकों के अधिकारों की रक्षा करना उनकी पहली प्राथमिकता है। वह क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों में पहुंचकर शिक्षकों से संवाद कर रही हैं और चुनाव में भारी बहुमत से समर्थन देने की अपील कर रही हैं।
दिलदारनगर स्थित एसकेवीएस इंटर कॉलेज परिसर में शिक्षकों को संबोधित करते हुए ऋतिका दुबे ने कहा कि शिक्षकों के अधिकारों के लिए उनकी लड़ाई लगातार जारी रहेगी। उन्होंने वित्तविहीन शिक्षकों को समान कार्य के लिए समान वेतन दिलाने तथा वित्तपोषित विद्यालयों के शिक्षकों पर अतिरिक्त कार्यों का बोझ कम करने से जुड़े मुद्दों को सदन में उठाने की बात कही। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के अधिकारों में कटौती और उन पर बढ़ते अतिरिक्त कार्यभार के मुद्दे गंभीर हैं। शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए वह सदन में आवाज उठाने का प्रयास करेंगी।
इस मौके पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व सचिव, मोहम्मदाबाद विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी और शिक्षक नेता डॉ. जनक कुशवाहा ने कहा कि शिक्षक समाज का आईना होते हैं, लेकिन उनके अधिकारों और सम्मान से जुड़े मुद्दों को सदन में पर्याप्त स्थान नहीं मिल पाता। उन्होंने कहा कि ऋतिका दुबे को अवसर मिलने पर शिक्षकों के हितों की लड़ाई मजबूती से लड़ने की उम्मीद है।
कार्यक्रम में लाल साहेब सिंह यादव, श्याम नारायण सिंह कुशवाहा, देवेंद्र कुमार सिंह, सरफराज अहमद, मैनुद्दीन खान, मनोज कुशवाहा सहित कई लोग उपस्थित रहे।
