वाराणसी
संचार क्रांति के जनक और लोकनीति के चमकते सितारे थे राजीव गांधी : वक्ता
पंडित कमलापति त्रिपाठी फाउंडेशन में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती पर आयोजित हुई विचार गोष्ठी
वाराणसी, 20 अगस्त। देश के पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न स्वर्गीय राजीव गांधी को देश में संचार क्रांति का जनक तथा भारत को 21वीं सदी की दिशा में आगे ले जाने वाला दूरदर्शी जननेता बताते हुए वक्ताओं ने उनके योगदान को याद किया। इंग्लिशिया लाइन स्थित पंडित कमलापति त्रिपाठी फाउंडेशन के कार्यालय में उनकी जयंती पर आयोजित विचार गोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि राजीव गांधी का योगदान देश कभी नहीं भुला सकता।
संचार क्रांति से युवाओं को मिले नए अवसर
वक्ताओं ने कहा कि राजीव गांधी भारतीय राजनीति के ऐसे दूरदर्शी नेता थे, जिन्होंने अपने अपेक्षाकृत छोटे राजनीतिक जीवन और शासनकाल में संचार क्रांति की शुरुआत कर देश को नई दिशा दी। विशेष रूप से युवाओं को तकनीक और आधुनिक भारत की नई संभावनाओं से जोड़ने का अवसर मिला। वक्ताओं ने कहा कि उन्होंने भारत को 21वीं सदी में ले जाने का संकल्प लिया और इसे अपने राजनीतिक जीवन का महत्वपूर्ण लक्ष्य बनाया।
मूल्यपरक राजनीति और राजनीतिक शुचिता पर दिया जोर
विचार गोष्ठी में वक्ताओं ने राजीव गांधी के राजनीतिक जीवन, उनके संघर्षों और मूल्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने सत्ता में रहते हुए और सत्ता से बाहर रहने के दौरान भी राजनीतिक शुचिता, पवित्रता और मर्यादाओं को महत्व दिया। वक्ताओं के अनुसार, अनेक राजनीतिक उतार-चढ़ाव और चुनौतियों के बावजूद वे अपने सिद्धांतों पर दृढ़ रहे।
वक्ताओं ने कहा कि राजीव गांधी का राजनीतिक जीवन संघर्षों और चुनौतियों से भरा रहा और अंततः देश की एकता व अखंडता की रक्षा के लिए उन्होंने अपना बलिदान दिया। उन्होंने भारतीय राजनीति पर ऐसी छाप छोड़ी, जिसे इतिहास में हमेशा याद किया जाएगा।
चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर दी श्रद्धांजलि
विचार गोष्ठी के प्रारंभ में उपस्थित लोगों ने स्वर्गीय राजीव गांधी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। वक्ताओं ने उन्हें मां भारती का महान सपूत बताते हुए उनके योगदान को स्मरण किया।
वरिष्ठ नेता विजय शंकर पांडे ने की अध्यक्षता
विचार गोष्ठी की अध्यक्षता वरिष्ठ नेता विजय शंकर पांडे ने की, जबकि संचालन बैजनाथ सिंह ने किया। गोष्ठी में प्रमुख रूप से राधेलाल एडवोकेट, आनंद सिंह, विजय कृष्ण राय अन्नू, भूपेंद्र प्रताप सिंह, आनंद मिश्रा, मनोज चौबे, महेंद्र सिंह चौहान, विवेक सिंह एडवोकेट, डॉ. उमापति उपाध्याय, पुनीत मिश्रा, एडवोकेट पंकज मिश्रा, ब्रह्मदेव मिश्रा इलाका गुरु, राजेंद्र प्रसाद जायसवाल, कमलाकांत पांडे, सुशील सोनकर, अशोक कुमार पांडे और पिंटू शेख सहित अन्य लोगों ने अपने विचार व्यक्त किए।
