गोरखपुर
लखनऊ अग्निकांड के बाद गोरखपुर प्रशासन सख्त, कोचिंग संस्थानों में शुरू हुआ जांच अभियान
दूसरे दिन भी जारी रही कार्रवाई, कई संस्थानों में मिलीं गंभीर सुरक्षा खामियां
अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर एडीएम सिटी की चेतावनी, सीलिंग तक हो सकती है कार्रवाई
गोरखपुर। लखनऊ में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद गोरखपुर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। छात्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने शहर के विभिन्न कोचिंग संस्थानों में सघन जांच अभियान शुरू कर दिया है। लगातार दूसरे दिन चले इस अभियान का नेतृत्व एडीएम सिटी गजेंद्र कुमार ने किया। उनके साथ अग्निशमन विभाग एवं प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त टीम ने कई प्रमुख कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण किया।
जांच के दौरान कई संस्थानों में गंभीर खामियां सामने आईं। अधिकांश कोचिंग सेंटरों में अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं पाया गया। कई भवनों में आपातकालीन निकास (इमरजेंसी एग्जिट) की व्यवस्था नहीं थी, जबकि कई स्थानों पर अग्निशमन यंत्र या तो उपलब्ध नहीं मिले या उपयोग के योग्य नहीं पाए गए। कुछ संस्थानों में क्षमता से अधिक छात्रों को संकरे कमरों में बैठाकर कक्षाएं संचालित की जा रही थीं, जिससे किसी भी आपात स्थिति में बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है।
निरीक्षण के दौरान एडीएम सिटी गजेंद्र कुमार ने लापरवाही बरतने वाले संचालकों को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। जिन संस्थानों में कमियां पाई गई हैं, उन्हें नोटिस जारी कर निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन की इस कार्रवाई से लंबे समय से बिना मानकों के संचालित हो रहे कई कोचिंग संस्थानों में हड़कंप मच गया है। अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों ने भी अभियान का स्वागत करते हुए कहा कि शिक्षा के नाम पर भारी शुल्क लेने वाले संस्थानों को सुरक्षा संबंधी सभी नियमों का पालन करना चाहिए।
सुरक्षा नियमों की अनदेखी पर होगी सख्त कार्रवाई
मीडिया से बातचीत में एडीएम सिटी ने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्धारित मानकों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी, जिसमें संस्थान को सील करने तक की कार्रवाई शामिल हो सकती है।
प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में जांच अभियान और तेज किया जाएगा। इससे स्पष्ट है कि गोरखपुर में अब सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर शैक्षणिक संस्थान संचालित करना आसान नहीं होगा और जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
