गोरखपुर
मातृ सेवा कार्यक्रम को मिलेगा नया बल, एम्स गोरखपुर ने दिया विशेष प्रशिक्षण
सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देने के लिए क्षमता संवर्धन कार्यक्रम आयोजित, दो दर्जन निजी अस्पतालों के डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ हुए प्रशिक्षित
400 से अधिक सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित, मातृ मृत्यु दर कम करने में निजी क्षेत्र की भूमिका होगी और मजबूत
गोरखपुर। जनपद में मातृ मृत्यु दर में कमी लाने और सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित मातृ सेवा कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए शनिवार को स्वास्थ्य विभाग एवं एम्स गोरखपुर के संयुक्त तत्वावधान में क्षमता संवर्धन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें जिले के करीब दो दर्जन निजी अस्पतालों के चिकित्सकों, स्टाफ नर्सों और इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर्स ने भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को प्रसव से पूर्व, प्रसव के दौरान और प्रसव के बाद उत्पन्न होने वाली संभावित जटिलताओं की समय पर पहचान एवं प्रभावी प्रबंधन के बारे में विशेषज्ञों ने प्रशिक्षण दिया। साथ ही मातृ मृत्यु के प्रमुख कारणों, आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित उपचार और गुणवत्तापूर्ण मातृ स्वास्थ्य सेवाओं पर विस्तार से जानकारी दी गई।
एम्स गोरखपुर के विशेषज्ञ चिकित्सकों के साथ वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. उमा सिंह ने वर्चुअल माध्यम से रेफरल प्रोटोकॉल की जानकारी देते हुए बताया कि उच्च जोखिम वाली गर्भवतियों की समय पर पहचान और उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत उचित स्वास्थ्य संस्थान में भेजना सुरक्षित प्रसव के लिए अत्यंत आवश्यक है।
समापन समारोह में एम्स गोरखपुर की कार्यकारी निदेशक डॉ. विभा दत्ता, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की अध्यक्ष डॉ. शिखा सेठ तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश झा ने प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए।
डॉ. विभा दत्ता ने कहा कि मातृ सेवा पहल मातृ मृत्यु दर को कम करने की दिशा में एक प्रभावी और दूरदर्शी प्रयास है। उन्होंने विश्वास जताया कि स्वास्थ्य विभाग और निजी स्वास्थ्य संस्थानों के संयुक्त प्रयासों से इस अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।
डॉ. शिखा सेठ ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ को हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग भी दी गई, जिससे वे प्रसव संबंधी जोखिमों की समय रहते पहचान कर उचित प्रबंधन कर सकेंगे और आवश्यकता पड़ने पर प्रसूताओं को सही समय पर उच्च स्वास्थ्य केंद्रों के लिए रेफर कर पाएंगे।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश झा ने बताया कि जिले में मातृ सेवा कार्यक्रम के तहत जिला एवं ब्लॉक स्तर पर लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से अब तक 400 से अधिक सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित कराए जा चुके हैं। निजी अस्पतालों की सक्रिय भागीदारी से मातृ स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में और सुधार होगा तथा मातृ मृत्यु दर में कमी लाने के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम में डिप्टी सीएमओ डॉ. अनिल सिंह, तकनीकी सहयोगी डॉ. डब्ल्यू. पांडेय, श्रद्धा सहित स्वास्थ्य विभाग एवं एम्स गोरखपुर के अधिकारी और विशेषज्ञ मौजूद रहे।
