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वाराणसी

भारतीय डाक विभाग ने जी-20 कल्चर मिनिस्टर्स मीटिंग के दौरान ‘संस्कृति कार्य समूह’ पर जारी किया डाक टिकट

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रिपोर्ट – प्रदीप कुमार

केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री किशन रेड्डी को पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने भेंट किया डाक टिकटों का प्रथम सेट

वाराणसी: भारत की अध्यक्षता में जी-20 के आयोजन के क्रम में भारतीय डाक विभाग ने ‘संस्कृति कार्य समूह’ पर एक डाक टिकट जारी किया। वाराणसी में जी- 20 कल्चर मिनिस्टर्स मीटिंग के दौरान इसे जारी किया गया। वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री . किशन रेड्डी को डाक टिकटों का प्रथम सेट भेंट किया। केन्द्रीय संस्कृति एवं संसदीय कार्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, केंद्रीय विदेश एवं संस्कृति राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी, संस्कृति मंत्रालय के सचिव गोविन्द मोहन, पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के महानिदेशक किशोर के. बासा सहित विभिन्न देशों के संस्कृति मंत्री और प्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति में यह डाक टिकट जारी हुआ।

केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री जी. किशन रेड्डी ने डाक विभाग द्वारा जारी डाक टिकट की सराहना करते हुए कहा कि डाक टिकट किसी भी राष्ट्र की संस्कृति और विरासत को अन्य देशों से जोड़कर सांस्कृतिक आदान-प्रदान की सुविधा प्रदान करता है और सांस्कृतिक संदर्भ स्थापित करता है। एक प्रतिष्ठित सांस्कृतिक प्रतीक के रूप में संस्कृति कार्य समूह पर जारी यह डाक टिकट हमारी सांस्कृतिक भावना को मजबूत करने के साथ वैश्विक संबंधों को एक डोर में बाँधने का प्रयास है। काशी में बैठक का मुख्य उद्देश्य भारत व काशी की कला-संस्कृति और विरासत को विश्व पटल पर वृहद् पहचान दिलाने का प्रयास है।

पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि यह कस्टमाइज़्ड माई स्टैम्प,अपने सुविचारित – सुरुचिपूर्ण डिजाइन और प्रतीकात्मकता के माध्यम से सहयोग और परस्पर सम्मान की भावना को बढ़ाने की दिशा में संस्कृति के महत्त्व को रेखांकित करता है। ‘सकल एकता की सूत्र है संस्कृति’ (‘कल्चर यूनाइट्स आल’) थीम पर आधारित इस माई स्टैंप की 5 हजार शीट्स मुद्रित की गयीं हैं जिनमें 60 हजार डाक टिकट उपलब्ध हैं।

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पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि ‘कल्चर यूनाइट्स आल’ माई स्टैम्प को एक विशिष्ट प्रतीक के रूप में तैयार किया गया है। इसमें बायीं ओर टेराकोटा पृष्ठभूमि में सफेद रंग में वर्ली कला की मूर्तियाँ हैं, जिसमें एक वृत्त में हाथ मिलाती हुई मुद्रा में संयुक्त आकृतियाँ हैं, जो शक्ति और अंतर्संयोजनात्मकता का संकेत देती हैं। दाईं ओर, नीले रंग की वृत्ताकार पृष्ठिभूमि पर सफेद रंग का भंवर चक्र अंकित है, जो रिड्यूस, रियूज और रिसाइकिल की पारिस्थितिक केन्द्रित अवधारणा को दर्शाता है। वस्तुत: यह डिज़ाइन सभी के लिए स्वच्छ और हरित भविष्य हेतु ‘जीवन के लिए संस्कृति’ (पर्यावरण अनुकूल जीवन शैली) के विचार को प्रदर्शित करता है।

गौरतलब है कि जी-20 संस्कृति कार्य समूह की वाराणसी में आयोजित चौथी बैठक में जी-20 के साथ ही नौ आमंत्रित देशों के साथ विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के 170 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इसका लक्ष्य नीति-निर्माण के केंद्र में संस्कृति को रखकर कारगर परिणाम प्राप्त करना है। इसमें संस्कृतियों के माध्यम से एकजुटता का सन्देश देने के क्रम में विशेष डाक टिकट जारी किया गया। इस बैठक में सांस्कृतिक सम्पदा का संरक्षण व पुनर्स्थापना, सतत भविष्य को मौजूदा विरासत का उपयोग, सांस्कृतिक गठजोड़ से अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना, संस्कृति को सहेजने में डिजिटल तकनीक का लाभ इत्यादि विषयों पर मंथन हुआ।

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