बलिया
बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी से नाराज ‘बिटिया’ गांव के लोगों ने किया मतदान बहिष्कार का ऐलान
सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव पर ग्रामीणों में आक्रोश
समस्याओं के समाधान तक चुनाव में भाग न लेने का लिया निर्णय
बलिया। निर्भया कांड के बाद पूरे देश में चर्चा में आए नरही थाना क्षेत्र के मेड़ौवरा कला, जिसे स्थानीय लोग ‘बिटिया का गांव’ के नाम से जानते हैं, के ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की लगातार उपेक्षा से नाराज होकर आगामी चुनावों के बहिष्कार का निर्णय लिया है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं की मांग किए जाने के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया।
वर्षों से उठाई जा रही हैं समस्याएं
ग्रामीणों के अनुसार सड़क निर्माण, चिकित्सालय की स्थापना और बेहतर शिक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर कई बार प्रशासनिक अधिकारियों तथा जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपे गए। शासन स्तर तक पत्राचार भी किया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे गांव के लोगों में गहरा असंतोष है।

खराब सड़क और शिक्षा व्यवस्था बनी बड़ी समस्या
गांव की निवासी कंचन पटेल ने बताया कि गांव में केवल प्राथमिक स्तर तक शिक्षा की सुविधा है। इसके बाद विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई के लिए भरौली तक साइकिल से जाना पड़ता है। बरसात के मौसम में खराब सड़क के कारण लगभग चार महीने तक शिक्षा प्रभावित रहती है।
विवाह संबंधों पर भी पड़ रहा असर
ग्रामीण विद्या पांडेय ने बताया कि सड़क, स्वास्थ्य और यातायात सुविधाओं की कमी के कारण गांव के युवक-युवतियों के विवाह संबंध भी प्रभावित हो रहे हैं। बाहरी लोग जब गांव की स्थिति देखते हैं तो रिश्ते करने से कतराते हैं। इससे ग्रामीणों को सामाजिक स्तर पर भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन को दी चेतावनी
ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा है कि यदि उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो गांव के लोग आगामी सभी चुनावों का शत-प्रतिशत बहिष्कार करेंगे। अब देखना यह होगा कि प्रशासन और जनप्रतिनिधि ग्रामीणों की मांगों को कितनी गंभीरता से लेते हैं और उनके समाधान के लिए क्या कदम उठाते हैं।
