गोरखपुर
फर्जी निवेश योजना के नाम पर लाखों की ठगी, आरोपी गिरफ्तार
खुद को रियल एस्टेट कारोबारी और कंपनी का सीईओ बताकर लोगों को लगाया चूना
11.66 लाख रुपये हड़पने और धमकी देने के मामले में पीपीगंज पुलिस की कार्रवाई
गोरखपुर। धोखाधड़ी के अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत पीपीगंज पुलिस ने फर्जी निवेश योजना के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने के आरोप में एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दर्ज दो अलग-अलग मुकदमों में कार्रवाई करते हुए उसे हिरासत में लिया है। मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
उच्च रिटर्न और जमीन दिलाने का दिया था झांसा
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्त और उसके साथियों ने वादी को एक कथित उच्च रिटर्न वाली निवेश योजना में धन लगाने के लिए प्रेरित किया। आरोपियों ने दावा किया था कि निवेश पर 15 से 20 प्रतिशत तक का लाभ मिलेगा और साथ ही 2000 वर्गफुट जमीन वादी के नाम रजिस्ट्री कराई जाएगी।
झांसे में आकर वादी ने नकद और ऑनलाइन माध्यम से छह माह की अवधि में कुल 11 लाख 66 हजार रुपये का भुगतान किया। इसके बावजूद न तो उसे कोई रिटर्न मिला और न ही जमीन की रजिस्ट्री कराई गई। जब वादी ने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपियों ने उसे जान से मारने की धमकी दी।
दूसरे की जमीन को अपनी बताकर हड़पे रुपये
जांच में यह भी सामने आया कि अभियुक्त स्वयं को रियल एस्टेट कारोबारी और एक निजी कंपनी का सीईओ बताकर लोगों को निवेश के लिए प्रलोभन देता था। आरोप है कि उसने दूसरे की जमीन को अपनी संपत्ति बताकर कई लोगों से धनराशि वसूली और धोखाधड़ी की।
पीड़ितों की शिकायत के आधार पर थाना पीपीगंज में दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए, जिनमें धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, गाली-गलौज और धमकी देने जैसी धाराएं शामिल हैं।
गिरफ्तार अभियुक्त
अभिषेक श्रीवास्तव, पुत्र शैलेन्द्र कुमार श्रीवास्तव, निवासी टीचर कॉलोनी, थाना पीपीगंज, जनपद गोरखपुर।
दर्ज मुकदमे
- मु0अ0सं0 407/25, धारा 406, 420, 504, 506 भादवि, थाना पीपीगंज, गोरखपुर।
- मु0अ0सं0 430/25, धारा 420, 504, 506 भादवि, थाना पीपीगंज, गोरखपुर।
गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम
- उपनिरीक्षक सौरभ यादव, थाना पीपीगंज
- कांस्टेबल विजय गौड़, थाना पीपीगंज
- कांस्टेबल चन्द्राकर, थाना पीपीगंज पुलिस का अभियान जारी
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जनपद में धोखाधड़ी और साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। ऐसे मामलों में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश भी की जा रही है।
