गोरखपुर
पास होने की खुशी भी नहीं बचा सकी छात्रा की जान, फेल होने की अफवाह बनी काल
गोरखपुर। सहजनवा थाना क्षेत्र के तिलौरा गांव में सीबीएसई बोर्ड के परीक्षा परिणाम को लेकर फैली एक गलत सूचना ने एक परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया। फेल होने की अफवाह से आहत एक छात्रा ने जहरीला पदार्थ खा लिया। विडंबना यह रही कि कुछ ही देर बाद उसे पता चला कि वह 78 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण हुई है, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और उसने दम तोड़ दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, तिलौरा निवासी दुर्गेश धर दुबे की 16 वर्षीय पुत्री आराध्य दुबे नगर पंचायत स्थित सेंट जोसेफ स्कूल में हाईस्कूल की छात्रा थी। बुधवार को सीबीएसई (CBSE) का परिणाम घोषित होने के बाद किसी परिचित ने उसे यह सूचना दी कि वह परीक्षा में असफल हो गई है। मेहनत के बावजूद असफल होने की खबर से वह गहरे अवसाद में चली गई। घटना के समय घर पर उसकी मां और भाई मौजूद नहीं थे, जिसका फायदा उठाकर उसने घर में रखा जहरीला पदार्थ खा लिया।

कुछ ही देर बाद उसके भाई तनिष्क ने फोन कर उसे जानकारी दी कि वह असफल नहीं, बल्कि 78 प्रतिशत अंकों के साथ पास हुई है। यह सुनते ही उसे अपनी गलती का एहसास हुआ और उसने तुरंत अपनी दादी को जहर खाने की बात बताई। इसके बाद पिता दुर्गेश उसे आनन-फानन में सीएचसी ठर्रापार ले गए, जहां से हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। हालांकि अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में आराध्य ने दम तोड़ दिया।
घटना के बाद घर में कोहराम मच गया। बताया जाता है कि पिता शव को वापस घर लेकर आए और उसे कार में लॉक कर दिया। इसी बीच मायके से लौटी मां अंकिता दुबे को उन्होंने बताया कि आराध्य सो रही है। मां के शोर मचाने पर जब गाड़ी का लॉक खोला गया तो बेटी का शव देखकर परिजनों की चीख-पुकार मच गई।
सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने रात करीब डेढ़ बजे शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और पिता को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया। थानाध्यक्ष सहजनवा महेश चौबे के अनुसार, मामले में अभी तक परिजनों की ओर से कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है।
यह घटना समाज और अभिभावकों के लिए एक गंभीर चेतावनी है कि परीक्षा परिणाम जीवन से अधिक महत्वपूर्ण नहीं होते और बच्चों को विपरीत परिस्थितियों का सामना करने के लिए मानसिक रूप से मजबूत बनाना आवश्यक है।
