गोरखपुर
पड़ौली बाजार में हरे पेड़ों के अवैध कटान का आरोप
ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच की उठाई मांग
वन विभाग बोला— जांच कर दोषियों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई
गोरखपुर। गोला थाना क्षेत्र के पड़ौली बाजार में प्रतिबंधित हरे पेड़ों के कथित अवैध कटान और लकड़ी के कारोबार को लेकर स्थानीय लोगों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से बड़े पैमाने पर हरे पेड़ों की कटाई की जा रही है, जिससे पर्यावरण और वन संपदा को भारी नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों के अनुसार, पड़ौली बाजार में कथित रूप से लकड़ी माफिया प्रतिबंधित हरे पेड़ों की कटाई कर उनकी लकड़ी गोरखपुर समेत आसपास के जनपदों तक पहुंचा रहे हैं। स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि इस अवैध कारोबार को संरक्षण देने के लिए संबंधित विभागों के कुछ कर्मियों को धनराशि दी जाती है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और संबंधित विभागों की ओर से भी इन आरोपों पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हाल के दिनों में पीपल, बरगद, पाकड़, महुआ और आम जैसे पेड़ों की बड़े पैमाने पर कटाई की जा रही है। उनका आरोप है कि रात के समय पेड़ों की कटाई कर लकड़ी को अन्य स्थानों पर भेज दिया जाता है।
पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि हरे पेड़ों की अवैध कटान से वन संपदा, जैव विविधता और पर्यावरण संतुलन पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। ऐसे मामलों में समय रहते प्रभावी कार्रवाई जरूरी है।
इस संबंध में वन क्षेत्राधिकारी सर्वजीत सिंह ने बताया कि मामले की जांच कराई जाएगी। यदि जांच में अवैध कटान की पुष्टि होती है तो इसमें शामिल लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
