गोरखपुर
गोरखा सैनिक संग्रहालय निर्माण अंतिम चरण में, 2026 के अंत तक पर्यटकों के लिए खुलेगा
अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने किया निरीक्षण, समय सीमा में काम पूरा करने के दिए निर्देश
डिजिटल गैलरी और इंटरैक्टिव डिस्प्ले से दिखाई जाएगी गोरखा सैनिकों की वीरगाथा
गोरखपुर। निर्माणाधीन गोरखा सैनिक संग्रहालय अब तेजी से फिनिशिंग चरण की ओर बढ़ रहा है। पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने बुधवार को परियोजना स्थल का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संग्रहालय का निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा कराया जाए, ताकि वर्ष 2026 के अंत तक इसे आम जनता और पर्यटकों के लिए खोला जा सके।
गोरखपुर की नई पहचान बनेगा संग्रहालय
अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने कहा कि गोरखा सैनिक संग्रहालय सिर्फ एक भवन नहीं, बल्कि देश की सैन्य विरासत और गोरखा सैनिकों के अदम्य साहस का प्रतीक होगा। यह गोरखपुर के पर्यटन क्षेत्र को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट साबित होगा।
उन्होंने कहा कि संग्रहालय के माध्यम से गोरखा रेजीमेंट के गौरवशाली इतिहास, शौर्य और भारतीय सेना में उनके योगदान को देश-दुनिया के सामने प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया जाएगा।
आधुनिक तकनीक से जीवंत होगी वीरगाथा
संग्रहालय में गोरखा सैनिकों के इतिहास और बलिदान को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा। यहां डिजिटल गैलरी, ऑडियो-वीडियो प्रस्तुति और इंटरैक्टिव डिस्प्ले जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
इन माध्यमों से आगंतुक गोरखा सैनिकों के संघर्ष, साहस और उपलब्धियों को करीब से समझ सकेंगे। परियोजना का उद्देश्य युवाओं को सैन्य इतिहास और देशभक्ति की भावना से जोड़ना भी है।
विजिटर एक्सपीरियंस बेहतर बनाने पर जोर
निरीक्षण के दौरान अपर मुख्य सचिव ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर संतोष जताया। उन्होंने संग्रहालय के डिजाइन, प्रस्तुतीकरण और पर्यटकों की सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि परियोजना को आधुनिक मानकों के अनुरूप तैयार किया जाए, ताकि गोरखा सैनिक संग्रहालय देश-विदेश के पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन सके।
