गोरखपुर
पड़ौली बाजार में हरे पेड़ों के अवैध कटान का आरोप
सड़क किनारे लकड़ी के ढेर से हादसे का खतरा
ग्रामीणों ने जांच और कार्रवाई की मांग की, वन विभाग ने जांच का दिया आश्वासन
गोलाबाजार (गोरखपुर)। गोला थाना क्षेत्र के पड़ौली बाजार में हरे पेड़ों के कथित अवैध कटान और लकड़ी के कारोबार को लेकर स्थानीय लोगों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से बड़े पैमाने पर हरे पेड़ों की कटाई कर लकड़ी का अवैध कारोबार किया जा रहा है। इससे जहां पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है, वहीं सड़क किनारे लकड़ी के ढेर लगाए जाने से दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है।
स्थानीय निवासी विनय, अभिषेक तिवारी, आलोक, गुड्डू राय, दिलीप जायसवाल, महेश राय, आशीष वर्मा, अमित तिवारी और अनूप तिवारी सहित अन्य लोगों का आरोप है कि कटे हुए पेड़ों की लकड़ी की चिराई कर उसे गोला-कौड़ीराम मार्ग के किनारे रखा जाता है। उनका कहना है कि करीब एक किलोमीटर तक सड़क की पटरी पर लकड़ी रखे जाने से वाहन चालकों को आवागमन में दिक्कत होती है और दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों का दावा है कि इस कारण पहले भी कई हादसे हो चुके हैं।
ग्रामीणों का यह भी कहना है कि एक ही गांव में करीब आठ आरा मशीनें संचालित हैं, जहां दिन-रात लकड़ी की चिराई होती है। आरोप है कि पीपल, बरगद, पाकड़, महुआ और आम जैसे हरे पेड़ों की कटाई कर उनकी लकड़ी यहां लाई जाती है और चिराई के बाद अन्य स्थानों पर भेजी जाती है।
हालांकि, वन विभाग और पुलिस प्रशासन पर संरक्षण देने के लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। संबंधित विभाग की ओर से भी इन आरोपों पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
इस संबंध में वन क्षेत्राधिकारी सर्वजीत सिंह ने बताया कि मामले की जांच कराई जाएगी। यदि जांच में अवैध कटान या अन्य अनियमितताएं सामने आती हैं तो दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से भी पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर अवैध कटान पर रोक लगाने की मांग की है।
