गाजीपुर
नंदगंज पीएचसी में एंटीवेनम की कमी से बढ़ी मरीजों की परेशानी
सर्पदंश पीड़ित छात्र को ले जाना पड़ा जिला अस्पताल गाजीपुर
नंदगंज, गाजीपुर | बाजार के पारस गली निवासी शाहनवाज के पुत्र मोहम्मद फैसल (कक्षा 10 के छात्र) को गुरुवार रात करीब आठ बजे सांप ने डंस लिया। घटना के बाद परिजन तत्काल उसे नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) नंदगंज लेकर पहुंचे।
लेकिन वहां एंटीवेनम उपलब्ध न होने के कारण मरीज को तुरंत जिला अस्पताल गाजीपुर रेफर करना पड़ा।
जिला अस्पताल में मिला उपचार, स्थिति सामान्य
जिला अस्पताल गाजीपुर में इलाज के बाद शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे छात्र मोहम्मद फैसल को स्वस्थ होने पर छुट्टी दे दी गई। फिलहाल उसकी हालत सामान्य बताई जा रही है।
ग्रामीणों में नाराजगी
इस घटना के बाद क्षेत्रीय लोगों में पीएचसी नंदगंज की स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर नाराजगी देखी जा रही है।
लोगों का कहना है कि सर्पदंश जैसे आपात मामलों में एंटीवेनम और कुत्ते के काटने की स्थिति में एंटी रैबीज इंजेक्शन हर समय उपलब्ध होना चाहिए।
बार-बार जिला अस्पताल रेफर की समस्या
स्थानीय निवासियों के अनुसार, इन आवश्यक दवाओं की कमी के कारण मरीजों को अक्सर देवकली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र या जिला अस्पताल गाजीपुर रेफर करना पड़ता है, जिससे समय और संसाधन दोनों की बर्बादी होती है।
नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने की अपील
ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि नंदगंज पीएचसी में एंटीवेनम और एंटी रैबीज इंजेक्शन की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि आपात स्थिति में मरीजों को समय पर उपचार मिल सके।
वैकल्पिक उपचार स्थलों पर घटता भरोसा
क्षेत्र में यह भी चर्चा है कि पहले सर्पदंश के मामलों में लोग बेलासी गांव स्थित ईसाई मिशन की ओर भी रुख करते थे, लेकिन अपेक्षित लाभ न मिलने के कारण अब वहां भरोसा कम होता जा रहा है।
