बलिया
द्वितीय सोमवार पर कुकुरहा में गूंजा हर-हर महादेव
शिवेंद्र बहादुर सिंह ने किया जलाभिषेक
तिलेश्वर नाथ मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, बोले- ‘एक लोटा जल, सभी समस्याओं का हल’
रसड़ा (बलिया)। रवि प्रताप आर्य/जयदेश। पवित्र श्रावण मास के द्वितीय सोमवार को क्षेत्र के शिवालयों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही मंदिरों में भगवान भोलेनाथ के दर्शन-पूजन और जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की कतार लगी रही। इसी क्रम में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रदेश महासचिव एवं रसड़ा विधानसभा प्रभारी शिवेंद्र बहादुर सिंह ने कुकुरहा स्थित प्राचीन तिलेश्वर नाथ महादेव मंदिर पहुंचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और शिवलिंग पर जल, बेलपत्र एवं पुष्प अर्पित कर जलाभिषेक किया।
हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजा मंदिर परिसर
जलाभिषेक के दौरान मंदिर परिसर ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालु कतारबद्ध होकर भगवान शिव का दर्शन करते रहे और अपनी मनोकामनाओं के लिए प्रार्थना की। सावन सोमवार को लेकर महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों में विशेष उत्साह देखने को मिला। मंदिर परिसर में सुबह से ही धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-पाठ और भजन-कीर्तन का दौर चलता रहा।
निर्मल मन और सच्ची श्रद्धा से प्रसन्न होते हैं भोलेनाथ
पूजन-अर्चन के बाद शिवेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि श्रावण मास भगवान शिव की आराधना का पवित्र महीना माना जाता है। सावन के प्रत्येक सोमवार का विशेष महत्व है। श्रद्धालु व्रत रखकर भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं और परिवार की सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना करते हैं।
उन्होंने कहा कि भगवान शिव अपने भक्तों की सच्ची श्रद्धा से प्रसन्न होते हैं। उनकी आराधना में आडंबर की आवश्यकता नहीं, बल्कि निर्मल मन और सच्ची श्रद्धा सबसे महत्वपूर्ण है।
‘एक लोटा जल, सभी समस्याओं का हल’
शिवेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि ‘एक लोटा जल, सभी समस्याओं का हल’ सावन की शिवभक्ति की भावना को दर्शाता है। श्रद्धापूर्वक भगवान शिव को अर्पित किया गया जल भक्त के मन में विश्वास, धैर्य और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। शिव आराधना कठिन परिस्थितियों में संयम बनाए रखने और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है।
सेवा और पर्यावरण संरक्षण भी शिवभक्ति का हिस्सा
उन्होंने कहा कि श्रावण मास केवल पूजा-पाठ और व्रत तक सीमित नहीं है। यह त्याग, संयम, सेवा, करुणा और प्रकृति के प्रति सम्मान का भी संदेश देता है। सावन में पौधरोपण, पर्यावरण संरक्षण, जरूरतमंदों की सहायता तथा समाज में आपसी भाईचारा बनाए रखना भी शिवभक्ति का ही स्वरूप है।
उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि इस पवित्र माह में भगवान शिव की आराधना के साथ अपने आचरण में भी सकारात्मक बदलाव लाएं। जरूरतमंदों की मदद करें, भूखों को भोजन कराएं और पशु-पक्षियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था करें। उन्होंने कहा कि भगवान शिव सबके हैं और उनकी भक्ति में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं है।
देर तक चलता रहा दर्शन-पूजन
कुकुरहा स्थित तिलेश्वर नाथ मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का दर्शन कर जलाभिषेक किया। भक्तों ने परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। पूरे क्षेत्र में दिनभर हर-हर महादेव के जयकारों से भक्तिमय वातावरण बना रहा।
