गोरखपुर
जिला कारागार से बंदी फरार, दो वार्डर व दो हेड वार्डर निलंबित
पॉक्सो के विचाराधीन बंदी के फरार होने पर बड़ी कार्रवाई, जेल अधीक्षक के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की संस्तुति
गोरखपुर। जिला कारागार से पॉक्सो एक्ट के विचाराधीन बंदी के फरार होने के मामले में शासन ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रारंभिक जांच में लापरवाही पाए जाने पर दो जेल वार्डरों और दो हेड जेल वार्डरों को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, जेल अधीक्षक के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की संस्तुति शासन को भेजी गई है।
जानकारी के अनुसार बांसगांव थाना क्षेत्र में दर्ज पॉक्सो एक्ट के एक मामले में आरोपी विपिन को 18 जुलाई को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने के बाद जिला कारागार भेजा गया था। शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे जेल परिसर में उसके लापता होने की सूचना मिलते ही हड़कंप मच गया। जेल प्रशासन ने तत्काल सभी बैरकों के बंदियों को बाहर निकालकर गिनती कराई, लेकिन विपिन का कोई पता नहीं चल सका।
बंदी के फरार होने की सूचना पर शाहपुर पुलिस के साथ बांसगांव पुलिस भी उसकी तलाश में जुट गई। मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को दी गई, जिसके बाद महानिदेशक कारागार के निर्देश पर प्रारंभिक जांच कराई गई।
जांच रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया ड्यूटी में लापरवाही पाए जाने पर जेल वार्डर जितेंद्र गौतम और जितेंद्र कुमार दुबे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। इसके अलावा हेड जेल वार्डर ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव और रामजित सिंह को भी निलंबित किया गया है। चारों कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश जारी किए गए हैं।
इसके साथ ही जिला कारागार के अधीक्षक दिलीप कुमार पाण्डेय के विरुद्ध भी विभागीय कार्रवाई की संस्तुति शासन को भेजी गई है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच जारी है। फरार बंदी की तलाश के लिए पुलिस की कई टीमें लगाई गई हैं और उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। जेल प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
