भदोही
जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर डीएम सख्त
कई अधिकारियों को नोटिस के निर्देश
असंतुष्ट और रिपीटेड शिकायतों के वास्तविक समाधान पर जोर, एसएचओ सुरियावां का वेतन रोकने के निर्देश
भदोही। जिलाधिकारी शैलेष कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को जनसुनवाई से संबंधित समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में शासन, परिषद, माननीय आयोग, आयुक्त संदर्भ, जन शिकायत, आईजीआरएस, संपूर्ण समाधान दिवस, उच्च न्यायालय में लंबित वाद, असंतुष्ट संदर्भ, जुलाई 2026 की रैंकिंग और रिपीटेड संदर्भों पर की गई कार्रवाई की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को जनशिकायतों के निस्तारण में गुणवत्ता, समयबद्धता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
रिपीटेड शिकायतों के वास्तविक समाधान पर जोर
जिलाधिकारी ने कहा कि बार-बार आने वाली शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाए और उनका गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिकायतकर्ता को केवल औपचारिक निस्तारण की सूचना देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसकी समस्या का वास्तविक समाधान कराया जाना चाहिए। शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही और उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी।
असंतुष्ट शिकायतों पर अधिकारियों से जवाब तलब
असंतुष्ट शिकायतों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि कुछ मामलों में शिकायतकर्ताओं से समुचित संपर्क नहीं किया गया और शिकायतें लंबित हैं। इस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताते हुए अधिशासी अभियंता जल निगम, जिला समाज कल्याण अधिकारी, एडीओ पंचायत औराई, एडीओ पंचायत अभोली, एडीओ पंचायत ज्ञानपुर, अधिशासी अभियंता यांत्रिक जिला पंचायत, जिला पंचायत राज अधिकारी तथा खंड विकास अधिकारी डीघ और अभोली को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
शिकायतकर्ता से संपर्क कर दर्ज करें तथ्यात्मक विवरण
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि प्रत्येक शिकायत का निस्तारण शिकायतकर्ता की संतुष्टि और उसकी समस्या के वास्तविक समाधान के आधार पर किया जाए। अधिकारियों को शिकायतकर्ता से सीधे संपर्क कर समस्या को समझने और निस्तारण की कार्रवाई का स्पष्ट एवं तथ्यात्मक विवरण संबंधित पोर्टल पर दर्ज करने के निर्देश दिए गए।
एसएचओ सुरियावां की अनुपस्थिति पर वेतन रोकने के निर्देश
बैठक के दौरान एसएचओ सुरियावां की अनुपस्थिति का मामला भी सामने आया। जिलाधिकारी ने इसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारी के वेतन रोकने की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समीक्षा बैठकों और शासकीय कार्यों में अधिकारियों की जवाबदेही आवश्यक है।
लंबित न्यायिक मामलों के समयबद्ध निस्तारण पर जोर
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को उच्च न्यायालय में लंबित न्यायिक प्रकरणों और अन्य वादों में समय से जवाब एवं आवश्यक अभिलेख दाखिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अवमानना से जुड़े मामलों में अनावश्यक देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। यदि किसी अधिकारी की लापरवाही से अवमानना वाद की स्थिति उत्पन्न होती है तो संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी।
संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ करें काम
जिलाधिकारी ने कहा कि जनशिकायतों का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सभी अधिकारी संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करते हुए शासन की मंशा के अनुरूप आम जनता को प्रभावी एवं समयबद्ध राहत उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व शुभांगी शुक्ला, अपर जिलाधिकारी न्यायिक विजय नारायण सिंह, मुख्य विकास अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
