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गोरखपुर

गाटा संख्या 52 पर विवाद गहराया

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डिह व चारागाह भूमि पर निर्माण को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश

पूर्व ग्राम प्रधान की भूमिका पर उठे सवाल, जांच की मांग तेज

सिकरीगंज (गोरखपुर)। थाना क्षेत्र सिकरीगंज के ग्राम पिपरी में स्थित गाटा संख्या 52 को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। यह मामला अब डिह और चारागाह की भूमि पर कथित निर्माण कार्य को लेकर गंभीर रूप ले चुका है।

गांव निवासी राजन मिश्र द्वारा उपजिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर निर्माण कार्य कराने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी व्याप्त है।

सार्वजनिक भूमि को लेकर ग्रामीणों में चिंता

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शिकायतकर्ता का कहना है कि गाटा संख्या 52 वर्षों से गांव की सामुदायिक एवं सार्वजनिक उपयोग की भूमि रही है। आरोप है कि भूमि की वास्तविक स्थिति को नजरअंदाज कर निर्माण कार्य आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया तो सार्वजनिक भूमि स्थायी रूप से प्रभावित हो सकती है।

पूर्व ग्राम प्रधान की भूमिका पर सवाल

प्रार्थना पत्र में पूर्व ग्राम प्रधान की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि विवादित भूमि के बावजूद निर्माण कार्य को लेकर सक्रियता दिखाई जा रही है, जिससे संदेह और बढ़ गया है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को शिकायत दिए जाने के बाद भी अब तक स्पष्ट कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे असंतोष बढ़ रहा है। लोगों का आरोप है कि प्रभावशाली लोगों के दबाव में सार्वजनिक हित से जुड़े मामलों को नजरअंदाज किया जा रहा है।

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शिकायतकर्ता ने मांग की है कि गाटा संख्या 52 की राजस्व अभिलेखों के आधार पर तत्काल जांच कराई जाए और जांच पूरी होने तक किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य पर रोक लगाई जाए। साथ ही पूरे प्रकरण में सभी संबंधित पक्षों की भूमिका की निष्पक्ष जांच की जाए।

मामला सार्वजनिक संपत्ति से जुड़ा बताया जा रहा

स्थानीय लोगों के अनुसार यह विवाद केवल भूमि तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सार्वजनिक संपत्ति और गांव के अधिकारों से जुड़ा महत्वपूर्ण मामला बन चुका है। ग्रामीण प्रशासन से पारदर्शी जांच और ठोस कार्रवाई की उम्मीद जता रहे हैं।

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