गोरखपुर
खजनी में खादी एवं माटी कला बोर्ड का आयोजन
ग्रामीण हुनर और स्वरोजगार को मिला बढ़ावा
कारीगरों के प्रोत्साहन और पारंपरिक उद्योगों के संरक्षण पर दिया गया जोर
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश खादी तथा ग्रामीण उद्योग बोर्ड एवं उत्तर प्रदेश माटी कला बोर्ड के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को खजनी स्थित कंबल कारखाना परिसर में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में ग्रामीण उद्योगों, पारंपरिक कारीगरी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया।
वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभा और पारंपरिक हुनर की कोई कमी नहीं है। यदि कारीगरों और युवाओं को उचित प्रशिक्षण, संसाधन और बाजार उपलब्ध कराया जाए तो वे आत्मनिर्भर बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि खादी और माटी कला जैसे पारंपरिक उद्योग न केवल रोजगार सृजन का माध्यम हैं, बल्कि भारतीय संस्कृति और विरासत को भी संरक्षित रखते हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने ग्रामीण उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए युवाओं से इनका लाभ उठाकर स्वरोजगार अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन स्थानीय कारीगरों को नई पहचान देने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करते हैं।
इस अवसर पर पूर्व मंडल अध्यक्ष धरनीधर राम त्रिपाठी, मंडल अध्यक्ष महादेवा दुर्गेश पटवा, पूर्व जिला उपाध्यक्ष जगदीश चौरसिया, खजनी ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि अंशमाली धर द्विवेदी, विनोद पांडेय (एडवोकेट), आदर्श राम त्रिपाठी एवं गजेंद्र राम त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। उपस्थित वक्ताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के आयोजन ग्रामीण उद्योगों को नई दिशा देने, पारंपरिक कला के संरक्षण तथा स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
