गोरखपुर
ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में अधिवक्ताओं का आंदोलन तीसरे दिन भी जारी
उपनिबंधन कार्यालय पर प्रतीकात्मक तालाबंदी, राज्यपाल के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
कार्य बहिष्कार से तीसरे दिन भी न्यायिक कार्य प्रभावित, ई-पंजीकरण व्यवस्था वापस लेने की मांग
गोला बाजार (गोरखपुर)। प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तावित ई-रजिस्ट्री (ई-पंजीकरण) व्यवस्था के विरोध में कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन, तहसील गोला के नेतृत्व में अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों एवं स्टाम्प विक्रेताओं का आंदोलन गुरुवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। आंदोलनकारियों ने तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और प्रस्तावित व्यवस्था को तत्काल वापस लेने की मांग की।
धरना-प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों एवं स्टाम्प विक्रेताओं ने तहसील परिसर में जुलूस निकाला। इसके बाद उपनिबंधन कार्यालय के मुख्य गेट पर प्रतीकात्मक तालाबंदी कर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक सरकार प्रस्तावित ई-रजिस्ट्री व्यवस्था वापस नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
धरने को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार पंजीकरण संबंधी कार्यों को ई-पंजीकरण के माध्यम से निजी संस्थाओं को सौंपने की तैयारी कर रही है। इससे अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक, स्टाम्प विक्रेता, टाइपिस्ट, फोटोकॉपी संचालक सहित कचहरी व्यवस्था से जुड़े लाखों लोगों के रोजगार पर गंभीर संकट उत्पन्न हो जाएगा। उनका कहना था कि इस व्यवस्था से प्रदेश में करोड़ों लोगों की आजीविका प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित होगी।
आंदोलन के क्रम में अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमंडल ने उपजिलाधिकारी अमित कुमार जायसवाल को महामहिम राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि पंजीकरण प्रक्रिया में विधिक सावधानियां अत्यंत आवश्यक होती हैं और यदि यह कार्य निजी संस्थाओं के माध्यम से कराया गया तो कानूनी विवाद एवं मुकदमेबाजी बढ़ने की आशंका रहेगी। अधिवक्ताओं ने प्रस्तावित ई-पंजीकरण व्यवस्था को जनहित एवं लोकहित के विपरीत बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की।
तीसरे दिन भी न्यायिक कार्य प्रभावित
आंदोलन के चलते अधिवक्ताओं के कार्य बहिष्कार का असर न्यायिक कार्यों पर भी पड़ा। लगातार तीसरे दिन तहसील परिसर स्थित एसडीएम, तहसीलदार सहित अन्य न्यायालयों में न्यायिक कार्य प्रभावित रहा, जिससे वादकारियों को सुनवाई के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा।
धरना-प्रदर्शन में कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रंतिदेव मिश्र एडवोकेट, महामंत्री आमोद गौड़ एडवोकेट सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक, स्टाम्प विक्रेता एवं अन्य संबंधित लोग मौजूद रहे।
