गोरखपुर
ई-रजिस्ट्री के विरोध में अधिवक्ताओं का आंदोलन सातवें दिन भी जारी
गोला तहसील में प्रदर्शन, पूर्व विधायक विनय शंकर तिवारी ने सरकार पर साधा निशाना
गोरखपुर।प्रदेश सरकार की प्रस्तावित ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में गोला तहसील परिसर में अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों और स्टाम्प विक्रेताओं का आंदोलन सातवें दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारियों ने तहसील परिसर में जुलूस निकालकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और उपनिबंधन कार्यालय के समक्ष धरना दिया। आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे पूर्व विधायक एवं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव विनय शंकर तिवारी ने सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए ई-रजिस्ट्री व्यवस्था को जनविरोधी बताया।

‘सरकार लोककल्याण नहीं, केवल व्यापार करना जानती है’
धरने को संबोधित करते हुए विनय शंकर तिवारी ने कहा कि सरकार लोककल्याण की भावना से नहीं, बल्कि व्यापारिक सोच के साथ काम कर रही है। उनका दावा था कि ई-रजिस्ट्री लागू होने से अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों, स्टाम्प विक्रेताओं और इससे जुड़े लाखों लोगों की आजीविका प्रभावित होगी। उन्होंने कहा कि डिजिटल व्यवस्थाओं में तकनीकी समस्याओं के कारण आम लोगों को पहले से ही परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और संपत्ति से जुड़े मामलों में ऐसी व्यवस्था जोखिम बढ़ा सकती है।
बार एसोसिएशन ने सौंपा ज्ञापन
कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन, गोला के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने पूर्व विधायक को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में प्रस्तावित ई-रजिस्ट्री व्यवस्था को वापस लेने तथा पूर्व की व्यवस्था बहाल रखने की मांग की गई। अधिवक्ताओं का कहना है कि निजी संस्थाओं के माध्यम से रजिस्ट्री प्रक्रिया संचालित होने पर कानूनी और तकनीकी जटिलताएं बढ़ सकती हैं।
व्यवस्था वापस होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान
धरना-प्रदर्शन में शामिल अधिवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार प्रस्तावित ई-रजिस्ट्री व्यवस्था को वापस नहीं लेती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
धरने में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रंतिदेव मिश्र, महामंत्री आमोद गौड़ सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक और स्टाम्प विक्रेता मौजूद रहे।
