मिर्ज़ापुर
इंडस्ट्रियल हब बनने की राह पर मीरजापुर, दो निजी औद्योगिक पार्कों को मिली मंजूरी
टांगा और देवरीकलां में विकसित होंगे इंडस्ट्रियल पार्क, उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा
मीरजापुर। हस्तनिर्मित कालीन उद्योग के लिए प्रसिद्ध मीरजापुर अब औद्योगिक विकास की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। प्रदेश सरकार ने जनपद में दो निजी औद्योगिक पार्कों के विकास को मंजूरी देने के साथ ही इनके लिए बेहद कम ब्याज दर पर ऋण भी स्वीकृत किया है। इससे जिले में नए उद्योगों की स्थापना, रोजगार सृजन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है।
जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र (डीआईसी) के उपायुक्त संदीप कुमार ने बताया कि सदर तहसील के टांगा गांव में 11.014 एकड़ भूमि पर मेसर्स विंध्य इंडस्ट्रियल प्लेज पार्क तथा मड़िहान तहसील के देवरीकलां गांव में 12.031 एकड़ भूमि पर प्रताप चेरिटेबल ट्रस्ट द्वारा निजी औद्योगिक पार्क विकसित किए जाएंगे।
युवाओं को रोजगार और निवेश को मिलेगा प्रोत्साहन
उपायुक्त ने बताया कि परियोजनाओं के विकास के लिए शासन ने मेसर्स विंध्य इंडस्ट्रियल प्लेज पार्क को 5.50 करोड़ रुपये तथा प्रताप चेरिटेबल ट्रस्ट को 6.01 करोड़ रुपये का ऋण एक प्रतिशत साधारण ब्याज दर पर स्वीकृत किया है।
टांगा औद्योगिक पार्क में 21 और देवरीकलां औद्योगिक पार्क में 40 औद्योगिक भूखंड विकसित किए जाएंगे। इन पार्कों में स्थापित होने वाली औद्योगिक इकाइयों से स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे तथा जिले में निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
औद्योगिक विकास के लिए नियम हुए सरल
उपायुक्त संदीप कुमार ने बताया कि प्रदेश सरकार की नई औद्योगिक नीति के तहत सड़क चौड़ाई संबंधी मानकों में बदलाव किया गया है। अब सात मीटर चौड़ी सड़कों के किनारे भी औद्योगिक इकाइयों की स्थापना संभव होगी, जिससे निजी औद्योगिक पार्कों के विकास की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक आसान हो गई है।
उन्होंने बताया कि दोनों पार्कों में मैन्युफैक्चरिंग जोन, बिजनेस एवं शॉपिंग सेंटर, इन्क्यूबेशन सेंटर, स्वास्थ्य सेवाएं और संचार सुविधाएं विकसित की जाएंगी। साथ ही पर्यावरणीय मानकों का पालन करते हुए आधुनिक औद्योगिक अवसंरचना तैयार की जाएगी।
