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वाराणसी

Kashi Vishwanath Temple : अक्षय तृतीया से शुरू होगी शीतलता की विशेष व्यवस्था

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वाराणसी। काशी विश्वनाथ धाम में ग्रीष्म ऋतु की शुरुआत के साथ ही बाबा विश्वेश्वर को शीतलता प्रदान करने के लिए विशेष तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। मंदिर प्रशासन द्वारा अक्षय तृतीया के पावन अवसर से जलधारी और फव्वारा व्यवस्था लागू की जाएगी, जिससे जहां बाबा को ठंडक मिलेगी, वहीं दर्शनार्थियों को भी भीषण गर्मी में राहत मिल सकेगी।

परंपरा के अनुसार, श्री काशी विश्वनाथ धाम में अक्षय तृतीया से यह विशेष व्यवस्था शुरू होती है। फव्वारा सेवा का शुभारंभ सायंकालीन सप्तऋषि आरती के साथ किया जाएगा और यह क्रम रक्षाबंधन तक प्रतिदिन जारी रहेगा। इस दौरान बाबा की सेवा में जलधारी और फव्वारों के माध्यम से शीतलता बनाए रखने का प्रबंध रहेगा।

मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जर्मन हैंगर और फव्वारे से युक्त फर्राटा पंखों की भी व्यवस्था की जा रही है, जिससे दर्शन के लिए आने वाले भक्तों को गर्मी से राहत मिल सके। गर्मी के मौसम में बढ़ते तापमान को देखते हुए यह व्यवस्था विशेष रूप से उपयोगी मानी जा रही है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, ग्रीष्म ऋतु में फव्वारा व्यवस्था के माध्यम से बाबा विश्वेश्वर को शीतलता प्रदान की जाती है। यह केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि काशीवासियों और श्रद्धालुओं की आस्था और भावनाओं का प्रतीक भी है। इस व्यवस्था के जरिए भक्तजन बाबा की कृपा प्राप्त करने और मानसिक शांति पाने की कामना करते हैं।

मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे इस पावन अवसर पर धाम पहुंचकर इस दिव्य व्यवस्था के दर्शन करें और पुण्य लाभ अर्जित करें। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था को सुदृढ़ करता है, बल्कि परंपराओं के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

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गौरतलब है कि ग्रीष्म ऋतु में बढ़ती गर्मी के कारण दर्शनार्थियों को कठिनाई का सामना करना पड़ता है। ऐसे में फव्वारा और शीतलता से जुड़ी यह व्यवस्था न केवल बाबा विश्वेश्वर की सेवा का माध्यम बनेगी, बल्कि श्रद्धालुओं के लिए भी राहत का महत्वपूर्ण साधन साबित होगी। अक्षय तृतीया के अवसर पर इस व्यवस्था का शुभारंभ धाम में एक विशेष धार्मिक आयोजन के रूप में देखा जा रहा है।

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