बलिया
सरयू नदी के कटान से त्रस्त ग्रामीणों का तहसील पर प्रदर्शन
कटान रोधी परियोजना की मांग, 10 दिन में कार्रवाई न होने पर आमरण अनशन की चेतावनी
बैरिया (बलिया)। सुरेमनपुर दियारांचल के चार ग्राम सभाओं के कटान प्रभावित ग्रामीणों ने शनिवार को बैरिया तहसील परिसर में प्रदर्शन कर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर उप जिलाधिकारी शशिभूषण मिश्र को पांच सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने सरयू (घाघरा) नदी के कटान से बचाव के लिए स्थायी परियोजना लागू करने की मांग की।
कटान से बचाव के लिए स्थायी समाधान की मांग
ग्रामीणों ने ज्ञापन में सरयू नदी की धारा को नियंत्रित करने के लिए ड्रेजिंग कराने तथा पक्के कटान रोधी कार्य शुरू कराने की मांग की। उनका कहना है कि वर्षों से नदी के कटान के कारण उपजाऊ भूमि और आवास प्रभावित हो रहे हैं।
सुविधाएं नहीं मिलने का आरोप
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि कटान प्रभावित परिवारों को पेयजल, बिजली, राशन किट और गृह अनुदान जैसी मूलभूत सुविधाएं पर्याप्त रूप से उपलब्ध नहीं हो रही हैं। उनका कहना है कि हर वर्ष अस्थायी कार्यों पर खर्च तो होता है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकल पा रहा है।
10 दिन का दिया अल्टीमेटम
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि 10 दिनों के भीतर कटान रोकने के लिए प्रभावी कार्य शुरू नहीं हुआ तो वे कटान स्थल पर आमरण अनशन शुरू करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि उनका आंदोलन किसी राजनीतिक दल से जुड़ा नहीं है, बल्कि अपने अस्तित्व और आजीविका की रक्षा के लिए है।
एसडीएम ने दिया आश्वासन
उप जिलाधिकारी शशिभूषण मिश्र ने ज्ञापन प्राप्त कर ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि मामले से शासन को अवगत कराते हुए स्थायी कटान रोधी परियोजना की स्वीकृति के लिए संस्तुति भेजी जाएगी।
