मिर्ज़ापुर
सीएमओ कार्यालय में अधिकारी-कर्मचारी नदारद, फरियादी घंटों करते रहे इंतजार
दिव्यांग प्रमाण पत्र, एनओसी और पंजीकरण सहित कई जरूरी काम प्रभावित, ग्रामीणों ने उठाए सवाल
मिर्जापुर।मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय मिर्जापुर में शनिवार को अव्यवस्था का नजारा देखने को मिला। कार्यालय के कई महत्वपूर्ण पटलों पर अधिकारी और कर्मचारी अनुपस्थित मिले, जिससे विभिन्न कार्यों के लिए दूर-दराज से आए लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा। जिम्मेदार अधिकारियों के नहीं मिलने से कई फरियादी बिना काम कराए ही वापस लौट गए।
जरूरी काम रहे ठप
कार्यालय में दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने, विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं से संबंधित फाइलों के निस्तारण, निजी अस्पताल एवं क्लीनिक के पंजीकरण और नवीनीकरण तथा विभागीय अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जैसे कई महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित रहे। सुबह से पहुंचे लोगों को संबंधित अधिकारियों का इंतजार करना पड़ा, लेकिन देर तक कोई जिम्मेदार कर्मचारी उपलब्ध नहीं हुआ।
फरियादियों ने सुनाई परेशानी
ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों ने बताया कि वे सुबह घर से निकलकर किराया खर्च कर कार्यालय पहुंचे थे, लेकिन उन्हें यह तक जानकारी नहीं मिल सकी कि संबंधित अधिकारी कब आएंगे। कई लोगों का कहना था कि बिना काम कराए लौटने से उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद हो गया।
अनुशासन पर उठे सवाल
फरियादियों का आरोप है कि अधिकारियों और कर्मचारियों का समय पर कार्यालय न पहुंचना कोई नई बात नहीं है। उनका कहना है कि ऐसी स्थिति अक्सर बनी रहती है, जिससे आम नागरिकों को बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं और अनावश्यक परेशानी उठानी पड़ती है।
स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर सवाल
सीएमओ कार्यालय की व्यवस्था को लेकर लोगों ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि जिले के प्रमुख स्वास्थ्य कार्यालय का यह हाल है तो ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति का सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है।
कार्रवाई की मांग
फरियादियों ने जिला प्रशासन से मामले का संज्ञान लेकर अनुपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय करने तथा नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने की मांग की है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाते हैं।
