भदोही
सर्पदंश से बचाव को लेकर डीएम ने जारी की एडवाइजरी
भदोही। बारिश और मानसून के मौसम में सर्पदंश की बढ़ती आशंका को देखते हुए जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने नागरिकों से सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष कुमार चक को सर्पदंश से बचाव और उपचार को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।
झाड़-फूंक में समय न गंवाएं
डीएम ने कहा कि सर्पदंश चिकित्सकीय आपातस्थिति है। ऐसे में झाड़-फूंक, तंत्र-मंत्र या घरेलू उपचार के बजाय पीड़ित को तत्काल निकटतम सरकारी स्वास्थ्य केंद्र या जिला अस्पताल ले जाना चाहिए। सरकारी अस्पतालों में एंटी-स्नेक वेनम निःशुल्क उपलब्ध है।
रात में रोशनी का करें इस्तेमाल
प्रशासन ने लोगों से रात में घर से बाहर निकलते समय टॉर्च या पर्याप्त रोशनी का इस्तेमाल करने की अपील की है। खेत, झाड़ियों और कच्चे रास्तों पर जाते समय बंद जूते व पूरे पैर ढकने वाले कपड़े पहनने को कहा गया है। घर के आसपास झाड़ियां, कूड़ा, लकड़ी और ईंट आदि जमा न होने देने की सलाह दी गई।
सर्पदंश के बाद अंग को रखें स्थिर
सांप के काटने पर पीड़ित को शांत रखें और अनावश्यक रूप से चलने-फिरने न दें। प्रभावित हाथ या पैर को स्थिर रखें। अंगूठी, घड़ी, कड़ा या अन्य कसाव वाली वस्तुएं तुरंत हटा दें, क्योंकि सूजन बढ़ सकती है।
चीरा लगाने या जहर चूसने से बचें
काटे गए स्थान पर ब्लेड से चीरा लगाने, मुंह से जहर चूसने या प्रभावित अंग को बहुत कसकर बांधने से बचने की सलाह दी गई है। डीएम ने कहा कि समय पर सही उपचार मिलने से सर्पदंश के पीड़ित की जान बचाई जा सकती है। इसलिए किसी भी अंधविश्वास में पड़े बिना तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेना जरूरी है।
