चन्दौली
फसल लहलहाने के बाद जागा वन विभाग, वन भूमि से अतिक्रमण हटाने पर उठे सवाल
चकिया, 15 सितंबर।चंद्रप्रभा रेंज के हथीनी ब्लॉक स्थित कंपार्टमेंट नंबर-01 में मंगलवार को राजस्व और पुलिस टीम के सहयोग से करीब 10 हेक्टेयर वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई की गई। विभाग की ओर से इसे कार्रवाई के रूप में बताया गया, लेकिन स्थानीय स्तर पर इसे लेकर वन विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।
फसल तैयार होने तक क्यों नहीं हुई कार्रवाई
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस भूमि पर कार्रवाई की गई, वहां धान की नर्सरी और खेती की तैयारी हो चुकी थी। ऐसे में सवाल उठता है कि यदि वन भूमि पर अतिक्रमण की जानकारी पहले से थी तो जुताई और रोपाई के शुरुआती चरण में ही इसे क्यों नहीं रोका गया। लोगों ने वन भूमि की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं।
कर्मचारियों की भूमिका पर भी उठे सवाल
क्षेत्र में तैनात वनकर्मियों की निगरानी व्यवस्था को लेकर भी चर्चा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी भूमि पर अतिक्रमण की स्थिति बनने से पहले ही विभाग को इसकी जानकारी होनी चाहिए थी। हालांकि कर्मचारियों की मिलीभगत संबंधी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
नियमित निगरानी की जरूरत
ग्रामीणों का कहना है कि वन भूमि को अतिक्रमण से बचाने के लिए केवल अभियान चलाकर कब्जा हटाना पर्याप्त नहीं है। बीट और अनुभाग स्तर पर नियमित निगरानी तथा समय रहते कार्रवाई जरूरी है। लोगों ने वन विभाग से भविष्य में अतिक्रमण की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाने की मांग की है।
कार्रवाई के समय पर सवाल
वन भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बावजूद यह सवाल बना हुआ है कि यदि समय रहते निगरानी और कार्रवाई होती तो फसल तैयार होने तक स्थिति क्यों पहुंचती। अब विभाग की कार्रवाई के साथ नियमित निगरानी और जिम्मेदारी तय करने की व्यवस्था पर भी लोगों की नजर है।
