वाराणसी
पवित्र श्रावण मास में भव्य शिव यज्ञ और महा रुद्राभिषेक का आयोजन
जगतगुरु सत्य साईं मां लक्ष्मी देवी जी की प्रेरणा से काशी में 11 वैदिक विद्वानों ने संपन्न कराया धार्मिक अनुष्ठान
वाराणसी। सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार में संलग्न आध्यात्मिक संत जगतगुरु सत्य साईं मां लक्ष्मी देवी जी की प्रेरणा से पवित्र श्रावण मास के अवसर पर काशी की पुण्य भूमि पर भव्य धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। इस दौरान काशी के प्रसिद्ध 11 वैदिक विद्वानों द्वारा चार बार भव्य शिव यज्ञ संपन्न कराया गया।
महा रुद्राभिषेक और रुद्र सूक्त हवन का आयोजन
विशेष धार्मिक अनुष्ठान के अंतर्गत भव्य महा रुद्राभिषेक के साथ रुद्र सूक्त का हवन भी आयोजित किया गया। लोक कल्याण की भावना से आयोजित इस अनुष्ठान में भगवान शिव से सभी जीवधारियों के कल्याण, धर्म की रक्षा और समाज में सुख-समृद्धि की कामना की गई।
लाइव प्रसारण से जुड़े हजारों श्रद्धालु
इस धार्मिक आयोजन को जगतगुरु सत्य साईं मां लक्ष्मी देवी जी के वैश्विक स्तर पर मौजूद हजारों श्रद्धालु भक्तों ने लाइव प्रसारण के माध्यम से देखा और आध्यात्मिक अनुष्ठान में सहभागिता की। आयोजन का उद्देश्य श्रद्धालुओं में धार्मिक चेतना, सेवा भावना और लोक कल्याण के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देना रहा।
लोक कल्याण और सेवा का लिया गया संकल्प
धार्मिक अनुष्ठान के दौरान यह संकल्प लिया गया कि देवों के देव महादेव सभी प्रतिभागियों को निःस्वार्थ सेवा, धार्मिक ज्ञान, उत्तम आरोग्य तथा धर्म की रक्षा के लिए शक्ति प्रदान करें। साथ ही सभी लोगों को जीव-जगत के कल्याण में अपना योगदान देने का अवसर मिले।
श्रावण को बताया आत्मिक शुद्धि और स्थिरता का समय
इस अवसर पर जगतगुरु सत्य साईं मां लक्ष्मी देवी जी ने अपने दिव्य संदेश में कहा कि पवित्र श्रावण मास आंतरिक श्रवण और स्थिरता का समय है। यह काल सच्चे भक्तों को अपने भीतर शिव चेतना की शुद्धि और अनुभूति का अवसर प्रदान करता है।
उन्होंने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक जीवन, निःस्वार्थ सेवा और धर्म के प्रति समर्पण की भावना को अपने जीवन में अपनाने का संदेश दिया।
सामाजिक और आध्यात्मिक कार्यों में भी सक्रिय भूमिका
बताया गया कि जगतगुरु सत्य साईं मां लक्ष्मी देवी जी की प्रेरणा से भारत राष्ट्र की सुख-समृद्धि और अभ्युदय के लिए समय-समय पर अनेक सामाजिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाता रहा है।
