चन्दौली
आवारा पशुओं से फसल बर्बाद, पशु आश्रय केंद्र चालू कराने की मांग
दो साल पहले बनकर तैयार हुआ केंद्र अब तक बंद, तहसील दिवस पर किसानों ने सौंपा शिकायती पत्र
नौगढ़ (जयदेश)। राजस्व गांव अमदहां चरनपुर में आवारा पशुओं के आतंक से किसान परेशान हैं। खेतों में झुंड के रूप में पहुंच रहे पशु खड़ी फसलों और पेड़-पौधों को चरने के साथ रौंदकर बर्बाद कर रहे हैं। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। समस्या से परेशान किसानों ने शनिवार को तहसील दिवस में उपजिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर गांव में बने पशु आश्रय केंद्र को जल्द चालू कराने की मांग की।
किसानों के अनुसार, गांव में आवारा पशुओं को संरक्षित करने के लिए करीब दो वर्ष पूर्व पशु आश्रय केंद्र का निर्माण पूरा हो चुका है, लेकिन अब तक इसका संचालन शुरू नहीं हुआ है। इसके कारण गांव और आसपास के क्षेत्रों में घूम रहे पशु खेतों में पहुंचकर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
किसानों का कहना है कि दर्जनों पशुओं के झुंड प्रतिदिन खेतों में पहुंच जाते हैं। दिन-रात रखवाली करने के बावजूद फसलों को बचाना मुश्किल हो रहा है। जंगली जानवरों के गांवों की ओर आने और कुछ पशुपालकों द्वारा अपने पशुओं को खुला छोड़ने से समस्या और गंभीर हो गई है।
किसानों ने प्रशासन से पशु आश्रय केंद्र तत्काल चालू कर आवारा पशुओं को वहां संरक्षित करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि जल्द समाधान नहीं होने पर आंदोलन किया जाएगा।
प्रार्थना पत्र देने वालों में राजेश सिंह, निर्भय सिंह, फक्कड़ सिंह, मनीष केशरी, ईश्वर केशरी, जगदीश, राजेंद्र केशरी और अमित कुमार सहित कई किसान शामिल रहे।
