गोरखपुर
आधी रात गायब हुईं तीन बेटियां, 15 घंटे में खाकी ने खोज निकाला
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय से लापता हुईं तीन छात्राएं सकुशल बरामद, सीसीटीवी और तीन टीमों की मदद से पुलिस को मिली सफलता
गोरखपुर। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की तीन छात्राओं के अचानक गायब होने से हड़कंप मच गया। आधी रात के बाद तीनों छात्राएं विद्यालय से ओझल हुईं तो परिजनों और विद्यालय प्रशासन की चिंता बढ़ गई। सूचना मिलते ही राजघाट पुलिस ने बिना देर किए मोर्चा संभाला और करीब 15 घंटे की लगातार तलाश के बाद तीनों छात्राओं को सकुशल बरामद कर लिया।
रात में खाली मिले तीन छात्राओं के बिस्तर
मंगलवार रात छात्राओं ने रोज की तरह भोजन किया। इसके बाद जब वार्डेन की नजर तीन छात्राओं के खाली बिस्तरों पर पड़ी तो विद्यालय में हड़कंप मच गया। तीनों छात्राओं की तलाश शुरू की गई, लेकिन उनका कोई पता नहीं चल सका। इसके बाद तत्काल राजघाट थाने को सूचना दी गई। मामला तीन नाबालिग छात्राओं से जुड़ा होने के कारण पुलिस ने इसे बेहद गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी।
तीन पुलिस टीमों ने संभाला मोर्चा
पुलिस अधीक्षक नगर निमिष पाटिल के निर्देशन में थानाध्यक्ष गौरव कुमार वर्मा के नेतृत्व में तीन पुलिस टीमें गठित की गईं। पुलिस ने रातभर रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, विद्यालय के आसपास और प्रमुख मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। लगातार पड़ताल के दौरान फुटेज से छात्राओं की गतिविधियों का महत्वपूर्ण सुराग मिला।
जांच में पुलिस को जानकारी मिली कि तीनों छात्राएं सिंघड़िया और एम्स क्षेत्र से होते हुए एयरपोर्ट के पास स्थित बिहार बस स्टैंड तक पहुंची थीं। इसके बाद पुलिस ने उनकी तलाश और तेज कर दी।
बिहार जाने की सूचना पर रवाना हुई पुलिस टीम
पुलिस को जैसे ही छात्राओं के बिहार की ओर जाने की जानकारी मिली, एक टीम तत्काल उनकी तलाश में बिहार के लिए रवाना कर दी गई। इसी बीच पुलिस को सूचना मिली कि तीनों छात्राएं रास्ते से किसी वाहन में सवार होकर वापस गोरखपुर की ओर लौट रही हैं।
सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल रणनीति बदली और एयरपोर्ट के पास स्थित बिहार बस स्टैंड पहुंचकर घेराबंदी कर दी। पुलिस की सक्रियता और त्वरित कार्रवाई के चलते आखिरकार तीनों छात्राओं का पता लगा लिया गया।
15 घंटे बाद मिली राहत, सकुशल बरामद हुईं छात्राएं
करीब 15 घंटे तक चले लगातार सर्च ऑपरेशन के बाद पुलिस ने तीनों छात्राओं को सही-सलामत बरामद कर लिया। बेटियों के सुरक्षित मिलने की सूचना मिलते ही परिजनों ने राहत की सांस ली और उनकी आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े।
इस पूरे अभियान में थानाध्यक्ष गौरव कुमार वर्मा, चौकी प्रभारी योगेन्द्र कुमार पाण्डेय, संजय सिंह चंदेल, आनन्द उपाध्याय, महिला उपनिरीक्षक पूनम, कांस्टेबल राकेश, ललित, सूरज और अजीत तथा महिला कांस्टेबल पुनीता राव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
तीन छात्राओं की सुरक्षित बरामदगी ने एक बार फिर मुश्किल की घड़ी में पुलिस की तत्परता, तकनीकी जांच और त्वरित कार्रवाई की अहमियत को साबित किया।
