गोरखपुर
एमएमएमयूटी में होगा प्रबंधन पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन, जुटेंगे देश-विदेश के विशेषज्ञ
21 और 22 अगस्त को आयोजित होगा दो दिवसीय ICESPM-2026 सम्मेलन
गोरखपुर। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी), गोरखपुर के प्रबंधन अध्ययन विभाग की ओर से 21 एवं 22 अगस्त 2026 को इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन इमर्जिंग एंड सस्टेनेबल प्रैक्टिसेज इन मैनेजमेंट (ICESPM-2026) का आयोजन किया जाएगा। दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में देश-विदेश के शिक्षाविद, शोधकर्ता, उद्योग विशेषज्ञ, नीति-निर्माता एवं प्रबंधन क्षेत्र से जुड़े पेशेवर भाग लेंगे।
प्रबंधन की उभरती चुनौतियों और नवाचारों पर होगा मंथन
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य प्रबंधन के क्षेत्र में उभरती चुनौतियों, नवाचारों तथा सतत विकास से जुड़े मुद्दों पर वैश्विक स्तर पर विचार-विमर्श को बढ़ावा देना है। इस आयोजन के माध्यम से अकादमिक जगत, उद्योग और शोध संस्थानों के बीच संवाद एवं सहयोग को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा। विशेषज्ञ बदलते वैश्विक परिदृश्य में प्रबंधन की नई चुनौतियों और उनके संभावित समाधानों पर अपने विचार साझा करेंगे।
देश-विदेश के प्रतिष्ठित विशेषज्ञ करेंगे शिरकत
सम्मेलन में भारत एवं विदेशों के कई प्रतिष्ठित विशेषज्ञ शामिल होंगे। प्रमुख वक्ताओं में गोविंद गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. के. एस. ठाकुर, आईआईएम अहमदाबाद के प्रो. अंकुर सिन्हा, आईएमएस-बीएचयू के निदेशक प्रो. आशीष बाजपेयी, ईरान के डॉ. हमीद सारेमी, इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पूर्व डीन प्रो. असीम कुमार मुखर्जी, यूनिवर्सिटी ऑफ मलाया, मलेशिया के डॉ. वलीद मुताहर अब्दुलहादी तथा ओमान के अस्करी मोहम्मद शामिल हैं।
चार प्रमुख विषयों पर प्रस्तुत होंगे शोध-पत्र
अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में मुख्य रूप से सतत वित्त एवं संगठनात्मक परिवर्तन, रणनीतिक प्रबंधन एवं नेतृत्व, मानव संसाधन प्रबंधन और भविष्य का कार्यक्षेत्र, तथा डिजिटल युग में उत्तरदायी एवं सतत विपणन प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर शोध-पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे। इन विषयों पर विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं के बीच गहन चर्चा एवं विचारों का आदान-प्रदान होगा।
कुलपति मुख्य संरक्षक, विभागाध्यक्ष होंगे संयोजक
विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. अनुपमा कौशिक शर्मा सम्मेलन की मुख्य संरक्षक हैं, जबकि प्रबंधन अध्ययन विभागाध्यक्ष प्रो. एल. बी. प्रसाद सम्मेलन के संयोजक हैं। प्रो. एल. बी. प्रसाद ने बताया कि यह सम्मेलन प्रबंधन के क्षेत्र में नवाचार, उत्तरदायित्व और सतत विकास से जुड़े विचारों के आदान-प्रदान का एक महत्वपूर्ण मंच बनेगा।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह आयोजन अकादमिक एवं औद्योगिक जगत के बीच सहयोग को बढ़ाने के साथ-साथ भविष्य की प्रबंधन चुनौतियों के समाधान तलाशने में भी सहायक सिद्ध होगा।
