गाजीपुर
गृहकर व ट्रेड शुल्क के विरोध में सभासदों का धरना तीसरे दिन भी जारी
कथित भ्रष्टाचार, आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के शोषण और बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पास कराने के आरोपों पर निष्पक्ष जांच की मांग
जमानियां, गाजीपुर। नगर पालिका परिषद में गृहकर वृद्धि, ट्रेड शुल्क, कथित भ्रष्टाचार और तानाशाही रवैये के विरोध में सभासदों का अनिश्चितकालीन धरना बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। इस दौरान सभासदों ने नगर पालिका अध्यक्ष के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विभिन्न मांगों को लेकर कार्रवाई की मांग की।
आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के मामले में जांच की मांग
धरने पर बैठे सभासदों ने आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के कथित आर्थिक और मानसिक शोषण पर रोक लगाने की मांग की। उन्होंने कर्मचारियों की नियुक्ति प्रक्रिया और पिछले दो वर्षों की पीएफ कटौती का विवरण सार्वजनिक करने तथा मामले में किसी भी तरह की अनियमितता की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई।
गृहकर वृद्धि और ट्रेड शुल्क समाप्त करने की मांग
सभासदों ने गृहकर में की गई वृद्धि और ट्रेड शुल्क का विरोध करते हुए इन्हें समाप्त करने की मांग की। साथ ही नामांतरण के मामलों में कथित अवैध वसूली की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई।
विकास कार्यों के लिए तत्काल टेंडर की मांग
धरना दे रहे सभासदों ने कहा कि वार्डों में जनहित के विकास कार्यों के लिए सभासदों से प्रस्ताव लेकर तत्काल टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाए। उन्होंने विभिन्न योजनाओं के तहत स्वीकृत और कराए गए विकास कार्यों से संबंधित टेंडर एवं वित्तीय पत्रावलियों की जांच के लिए प्रशासनिक समिति गठित करने की भी मांग की।
बोर्ड बैठक के प्रस्ताव पर उठाए सवाल
सभासदों ने आरोप लगाया कि 15 अप्रैल को हुई बोर्ड बैठक को कोरम पूरा न होने के कारण अधिशासी अधिकारी द्वारा स्थगित कर दिया गया था। इसके बावजूद कथित तौर पर प्रस्ताव पारित करा लिया गया। सभासदों ने पूरे मामले की जांच कराने और दोबारा बोर्ड बैठक बुलाने की मांग की है।
धरने में प्रमोद यादव, राहुल वर्मा, सचिन वर्मा, विकास जायसवाल, मनीष यादव, मोहन गुप्ता, सुरेंद्र चौधरी, अंजनी गुप्ता, राकेश प्रजापति, राजा चौधरी, आशिम खां, रजनीकांत उपाध्याय और राजा बाबू सहित 18 सभासद व सभासद प्रतिनिधि मौजूद रहे।
