वाराणसी
घौसाबाद में भू-कब्जे और खतौनी में कूटरचना का आरोप
भाजपा पार्षद की कथित मिलीभगत पर उठे सवाल
वाराणसी। घौसाबाद क्षेत्र में कीमती जमीन पर कथित अवैध कब्जे और राजस्व अभिलेखों में कूटरचना का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित पक्ष ने स्थानीय भू-माफियाओं और एक भाजपा पार्षद की कथित मिलीभगत का आरोप लगाते हुए पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
पीड़िता सुनीता देवी का आरोप है कि उनकी पैतृक एवं वैध भूमि को हड़पने के लिए कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए। उन्होंने दावा किया कि कूटरचित हस्ताक्षरों और दस्तावेजों के माध्यम से राजस्व अभिलेखों, विशेषकर खतौनी में अवैध रूप से नाम दर्ज कराए गए और वास्तविक भू-स्वामियों के अधिकारों का हनन किया गया।
पीड़ित पक्ष के मुताबिक इस मामले में गणेश मौर्य, भीम मौर्य, अर्जुन मौर्य और महेश मौर्य समेत अन्य लोगों पर कथित तौर पर जबरन कब्जे और फर्जीवाड़े में शामिल होने का आरोप है। उनका आरोप है कि राजनीतिक संरक्षण का प्रभाव दिखाकर प्रशासनिक तंत्र को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है।
पीड़ित पक्ष ने मांग की है कि कथित फर्जी दस्तावेजों और खतौनी में किए गए बदलावों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाए तथा वास्तविक भू-स्वामी के अधिकारों की बहाली सुनिश्चित की जाए।
पीड़ित परिवार ने प्रशासन से जमीन पर कथित अवैध कब्जे को रोकने और परिवार की जान-माल की सुरक्षा की भी मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन करने के साथ ही न्यायालय की शरण लेने को बाध्य होंगे।
