गोरखपुर
‘लेडी नटवरलाल’ का करोड़ों का खेल, पिता संग मिलकर लोन के नाम पर ठगी का आरोप
लोन दिलाने और माफ कराने का झांसा देकर करोड़ों की ठगी, रेलवे स्टेशन अधीक्षक की बेटी और पिता गिरफ्तार
गोरखपुर। रिश्तों और भरोसे को शर्मसार कर देने वाले एक बड़े ठगी मामले का खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार, रेलवे स्टेशन अधीक्षक की बेटी ने अपने पिता, पति और अन्य साथियों के साथ मिलकर लोगों को लोन दिलाने और लोन माफ कराने का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी की। पुलिस ने पिता-पुत्री को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
पिता के साथ मिलकर रची ठगी की साजिश
पुलिस के मुताबिक, एम्स थाना क्षेत्र की महादेवी झारखंडी कॉलोनी निवासी गरिमा सिंह पर आरोप है कि उसने सहजनवा में तैनात अपने पिता ध्रुव नारायण सिंह के साथ मिलकर लोगों को झांसे में लिया। शिकायत के अनुसार, रेलवे स्टेशन अधीक्षक सत्य प्रकाश सिंह के नाम पर विभिन्न बैंकों से करीब 1.67 करोड़ रुपये का लोन स्वीकृत कराया गया और अधिकांश राशि अपने खातों में ट्रांसफर करा ली गई।
शुरुआत में भरी ईएमआई, फिर बंद कर दिया भुगतान
सीओ कैंट कीर्ति निधि आनंद ने बताया कि पीड़ित से कहा गया था कि पुराना लोन खत्म कर नई ईएमआई आरोपी खुद जमा करेगी। इसी भरोसे पर आईसीआईसीआई, एचडीएफसी, एसबीआई, यस बैंक, एसएमएफजी और बंधन बैंक समेत कई बैंकों से लोन लिया गया। शुरुआती तीन माह तक किस्तें जमा की गईं, लेकिन बाद में भुगतान बंद होने पर बैंक की रिकवरी शुरू हुई और ठगी का खुलासा हुआ।
10 से 20 प्रतिशत रकम देकर जीतती थी भरोसा
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी पहले ऐसे लोगों को निशाना बनाती थी जिन्हें लोन की जरूरत होती थी या जिन पर पहले से लोन था। वह दावा करती थी कि किस्तें वही भरेगी और बदले में लोन की अधिकांश राशि अपने खाते में ट्रांसफर करा लेती थी। पीड़ितों को केवल 10 से 20 प्रतिशत रकम देकर उनका भरोसा बनाए रखा जाता था।
डायरी में लिखे मिले करोड़पति बनने के सपने
जांच के दौरान बरामद डायरी में आरोपी महिला द्वारा रोज करोड़पति बनने, जल्द अरबपति बनने और भगवान को धन्यवाद देने जैसी बातें लिखी मिली हैं। पुलिस का दावा है कि उसने इंटरनेट और यूट्यूब के माध्यम से ठगी के तरीके सीखकर इस पूरे नेटवर्क को तैयार किया और शुरुआत अपने परिचितों व रिश्तेदारों से की।
कई और लोग आए सामने, बढ़ सकती है ठगी की रकम
मामले में रेलकर्मी मोहन सिंह, ब्रह्मनंद सिंह, डॉ. दिलीप सिंह, डॉ. परमात्मा सिंह, साधना मल्ल, सुग्रीव सिंह और संदीप पांडेय समेत कई लोगों ने शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ पीड़ितों की संख्या और ठगी की रकम दोनों बढ़ सकती हैं।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस ने गरिमा सिंह और उसके पिता ध्रुव नारायण सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं, गरिमा के पति भानू प्रताप सिंह समेत विशाल यादव, राजेंद्र कुमार, चंद्रप्रकाश, दिनकर मणि त्रिपाठी और संजय सिंह उर्फ जयप्रकाश सिंह के खिलाफ भी धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है।
