गोरखपुर
डीडीयू विश्वविद्यालय के संविदा शिक्षकों को यूजीसी वेतनमान
वित्त समिति की बैठक में कई अहम फैसले, संबद्ध महाविद्यालयों में शोध सुविधाएं होंगी मजबूत
स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों के संविदा सहायक आचार्यों को ₹57,700 प्रारंभिक वेतन, कुलपति ने बताया गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में बड़ा कदम
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन की अध्यक्षता में आयोजित वित्त समिति की बैठक में शिक्षकों के हित और शोध गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। समिति ने स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों में कार्यरत सभी संविदा सहायक आचार्यों को यूजीसी वेतनमान के अनुरूप ₹57,700 का प्रारंभिक मूल वेतन देने का अनुमोदन किया। इससे बीए-एलएलबी, मैनेजमेंट, बैंकिंग एंड इंश्योरेंस समेत विभिन्न पाठ्यक्रमों के शिक्षकों को लाभ मिलेगा।
बैठक में शोध अवसंरचना को मजबूत करने के लिए भी अहम फैसला लिया गया। नए पीएचडी पंजीकरण में जिन शोधार्थियों के शोध निर्देशक संबद्ध महाविद्यालयों में कार्यरत होंगे, उनके द्वारा जमा किए जाने वाले शुल्क का 10 प्रतिशत संबंधित महाविद्यालय को दिया जाएगा। इस राशि का उपयोग शोध प्रयोगशालाओं, पुस्तकालयों और अन्य शोध संसाधनों के विकास में किया जाएगा।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि विश्वविद्यालय की प्राथमिकता गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, उत्कृष्ट शोध और अकादमिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि वित्त समिति के ये निर्णय शिक्षकों के हितों को मजबूत करने के साथ-साथ संबद्ध महाविद्यालयों में शोध के बेहतर माहौल और उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को नई दिशा देंगे।
