गोरखपुर
डीडीयू के तीन शोधार्थियों ने शिक्षक भर्ती में लहराया परचम
दो का DSSSB में प्रवक्ता पद पर चयन, एक बना यूपी जूनियर एडेड स्कूल में शिक्षक
आशीष मिश्र ने ऑल इंडिया में सातवीं रैंक, प्रियांशी गुप्ता और रमाशंकर राय की सफलता से विश्वविद्यालय गौरवान्वित
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के हिंदी एवं पत्रकारिता विभाग के तीन शोधार्थियों ने सरकारी शिक्षक भर्ती परीक्षाओं में उल्लेखनीय सफलता हासिल कर विश्वविद्यालय का गौरव बढ़ाया है। इनमें दो शोधार्थियों का चयन दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (DSSSB) के माध्यम से प्रवक्ता पद पर हुआ है, जबकि एक शोधार्थी का चयन उत्तर प्रदेश के जूनियर एडेड स्कूल में शिक्षक पद पर हुआ है।
डीएसएसएसबी में प्रवक्ता पद पर चयनित आशीष कुमार मिश्र ने ऑल इंडिया स्तर पर सातवीं रैंक प्राप्त की है। वे डॉ. सुनील यादव के निर्देशन में ‘रामकथा पर आधारित हिंदी उपन्यासों’ विषय पर शोध कर रहे हैं। बांसगांव क्षेत्र के जिगिना भियांव गांव निवासी आशीष इससे पहले उत्तर प्रदेश सहायक प्रोफेसर भर्ती की लिखित परीक्षा भी उत्तीर्ण कर चुके हैं और वर्तमान में साक्षात्कार की तैयारी कर रहे हैं।
वहीं, शोधार्थी प्रियांशी गुप्ता ने भी डीएसएसएसबी में प्रवक्ता पद पर सफलता हासिल की है। वह महिला वर्ग में दूसरे स्थान पर रहीं। प्रियांशी मूल रूप से लखीमपुर खीरी की निवासी हैं तथा लखनऊ विश्वविद्यालय से एमए में गोल्ड मेडल प्राप्त कर चुकी हैं। वर्तमान में वह दिग्विजयनाथ पीजी कॉलेज में डॉ. विभा सिंह के निर्देशन में शोध कार्य कर रही हैं।
तीसरे शोधार्थी रमाशंकर राय का चयन उत्तर प्रदेश के जूनियर एडेड स्कूल में शिक्षक पद पर हुआ है। उन्होंने इस भर्ती परीक्षा में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। खजनी क्षेत्र के निवासी रमाशंकर वर्ष 2024 से प्रो. विमलेश कुमार मिश्र के निर्देशन में ‘श्रीलाल शुक्ल और शरद जोशी के व्यंग्य साहित्य’ विषय पर शोध कर रहे हैं।
तीनों शोधार्थियों की सफलता पर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विद्यार्थियों की यह उपलब्धि विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता और शोध संस्कृति का प्रमाण है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह सफलता अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगी।
इस अवसर पर हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. विमलेश कुमार मिश्र, डॉ. विभा सिंह तथा डॉ. सुनील यादव सहित विभाग के अन्य शिक्षकों ने भी तीनों शोधार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
